रिसर्च में दावा, भारत में बताई गई संख्या से काफी अधिक हैं कोरोना वायरस के मरीज

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस (कोविड-19) से अब तक 414 लोगों की मौत हो चुकी है। रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। वहीं दुनियाभर में अब तक कोरोना से 1 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इस बीच एक शोध में ये दावा किया जा रहा है कि भारत में कोरोना वायरस से जुड़े जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।

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दरअसल कई देशों के डाटा के जरिए वैज्ञानिक ये अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस बीमारी से कितने लोगों की मौत हो सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ये शोध लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज में किया गया है। इसमें ये दावा किया गया है कि कोविड-19 वायरस चुपचाप लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। इसके लक्षण कई लोगों में देरी से दिखाई देते हैं। इसमें लिखा है कि सरकार को धीरे-धीरे लॉकडाउन कम करने के लिए इस वक्त साफ आंकड़े जानने की जरूरत है, लेकिन ये काम इसलिए मुश्किल हो जाता है क्योंकि कई लोगों में लक्षण अभी दिख नहीं रहे हैं, लेकिन बाद में दिख सकते हैं।

शोध के अनुसार, 22 मार्च से लेकर अगले 7 दिनों तक भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या 16,800-23,600 के बीच थी, लेकिन सरकार की ओर से ये आंकड़ा सिर्फ 2395 बताया गया। इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि 11 अप्रैल तक भारत में 119-567 लोगों की मौत हो जाएगी। लेकिन पिछले शनिवार तक ये आंकड़ा 288 पर था। गुरुवार तक भारत में कुल संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 12,380 हो गई है, जबकि 414 लोगों की मौत हुई है।

शोध में बताया गया है कि ये आंकड़े इसलिए कम आ रहे हैं क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण मरीजों में काफी देरी से दिख रहे हैं। लोगों को पता ही नहीं चल रहा है कि वह इससे संक्रमित हैं और इसी वजह से ऐसे लोग जांच नहीं करवा रहे। इसके साथ ही हर देश में कोरोना वायरस की जांच काफी कम हो रही है। शुरुआत में ना केवल भारत में बल्कि दुनिया के बाकी देशों में भी उन लोगों की ही जांच की गई, जो विदेश से लौटे थे।

इसके साथ ही शोध में ये भी कहा गया है कि लॉकडाउन से पहले भारत में संक्रमित मरीजों का अनुपात 4 का था। लेकिन अब ये घटकर 3 पर आ पहुंचा है। यानी हर एक मरीज से औसतन 3 मरीज संक्रमित हो रहे हैं। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए ये जरूरी है कि संक्रमित मरीजों की संख्या 1 से नीचे आ जाए। फिलहाल हर दिन तेजी से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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