• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Covid19: लॉकडाउन के कारण अकेले विमानन क्षेत्र में खतरे में हैं 20 लाख नौकरियां!

|

नई दिल्ली। ग्लोबल एयरलाइंस के समूह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के कारण चल रहे लॉकडाउन के कारण भारत के विमानन क्षेत्र और उस पर आश्रित क्षेत्रों में 20 लाख से अधिक नौकरियों को खतरा है। जैसा कि भारत में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है और वाणिज्यिक उड़ान संचालन को उसी तारीख तक निलंबित कर दिया गया है।

12 अगस्‍त को रूस से आ रही है पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन, जानिए इसके बारे में सबकुछ

airlines

यही वजह है कि परिचालन बाधाओं के कारण वित्तीय संकट का सामना करते हुए कुछ एयरलाइनों ने अपने कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया है और कुछ ने अपने कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त भी कर दिया है।

बुधवार को आईएटीए ने कहा कि COVID-19 के प्रकोप के परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर एयरलाइंस अब अस्तित्वगत संकट का सामना कर रही हैं।

जानिए, कितनी होगी उस वैक्सीन की कीमत, जिसे कोरोना के खिलाफ तैयार कर रहा सीरम इंस्टीट्यूट

LOCKDOWN के बीच भारत में इन कंपनियों ने दिया 25% तक इन्क्रीमेंट, WFH करने का भी एलाउंस

airlines

IATA में कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (एशिया पैसिफिक) के सहायक निदेशक, अल्बर्ट तोजेंग ने कहा लॉकडाउन में एयरलाइन यात्री राजस्व में 8.8 बिलियन डॉलर से अधिक की गिरावट और यात्री मांग में 36 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह जोखिम में 20 लाख से अधिक नौकरियों को पर खतरे का संकेतक है। इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो विमानन पर निर्भर हैं।

Covid19: महामारी का रोजगार पर बड़ा असर, भारत में 23 फीसदी से अधिक हुई बेरोजगारी

airlines

उन्होंने बताया कि इस समय भारत सरकार का पूरा ध्यान प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, ऋण की सुविधा, ऋण गारंटी और कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार के जरिए सहायता प्रदान करके एयरलाइनों के लिए पर्याप्त नकदी आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार को एयरलाइंस उद्योग के लिए कर, लेवी और हवाई अड्डे और वैमानिकी शुल्क भी पूरी तरह या आंशिक रूप से माफ किए जाने चाहिए।

लॉकडाउन के कारण यहां की महिलाएं लगातार प्रेग्नेंट हो रही हैं , जानिए क्या है पूरा मामला?

airlines

वैश्विक स्तर पर अल्बर्ट तोजेंग ने कहा कि IATA को 2019 की तुलना में 314 बिलियन डॉलर और यात्री मांग में 48 फीसदी की गिरावट की उम्मीद है।

बिल गेट्स ने WHO की फंडिंग रोकने के लिए ट्रंप को फटकारा, बोले, 'दुनिया को WHO की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत'

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Faced with financial crisis due to operational constraints, some airlines have sent their employees on leave without pay and some have even dismissed some of their employees. On Wednesday, IATA stated that airlines globally now face an existential crisis as a result of the outbreak of COVID-19.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more