Coronavirus: एक साल तक 30 प्रतिशत कम सैलरी लेंगे UPSC के चेयमैन और स्टाफ
नई दिल्ली। देश में फैली घातक कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए यूपीएससी के सभी अधिकारियों और स्टाफ ने एक दिन की सैलरी पीएम केयर फंड में दान करने का फैसला किया है। इसके अलावा यूपीएसी ने एक साल तक कमिशन से मिलने वाले बेसिक पे में 30 प्रतिशत कम लेने का भी फैसला किया है। आयोग ने ये फैसला पूरे देश में फैले कोरोना वायरस महामारी के चलते हो रहे नुकसान को देखते हुए किया है। इसके पहले दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, सीबीएसई के अलावा और भी तमाम शिक्षा संस्थानों के स्टाफ और टीचर्स पीएम-केयर्स फंड में अपना योगदान कर चुके हैं।

यूपीएससी ने कहा कि ऐहतियात और सामाजिक दूरी के मानकों सहित इन दिनों लागू लॉकडाउन के मद्देनजर यह तय किया गया है कि उन सभी साक्षात्कार ओर परीक्षाओं की तारीखों की समय समय पर समीक्षा की जाएगी जिनके लिए परीक्षार्थियों और परामर्शदाताओं को देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रा करने की जरूरत होती है। विज्ञप्ति के अनुसार, सिविल सर्विसेज-2020 (प्राथमिक), इंजीनियरिंग सर्विसेज (मुख्य) और जियोलॉजिस्ट सर्विसेज (मुख्य) परीक्षाओं के लिए तारीखों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
बयान में कहा गया है ''इन परीक्षाओं की तारीख में स्थिति के मद्देनजर अगर कोई बदलाव होता है तो यूपीएससी की वेबसाइट पर इसकी सूचना दी जाएगी। यूपीएससी को कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते कई भर्ती परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी है। सिविल सेवा परीक्षा समेत कई अहम भर्तियों के इंटरव्यू और नए नोटिफिकेशन्स को भी टालना पड़ा है। यूपीएससी से पहले सरकार प्रधानमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों की सैलरी में 30 फीसदी की कटौती करने का फैसला कर चुकी है। यह कटौती एक साल तक रहेगी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपालों ने स्वेच्छा से सामाजिक ज़िम्मेदारी के रूप में वेतन कटौती का फैसला किया है।












Click it and Unblock the Notifications