IIT मद्रास की भविष्यवाणी, 1-15 फरवरी के बीच आएगा कोरोना की तीसरी लहर का पीक
नई दिल्ली, जनवरी 08। देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर का आगाज हो चुका है। फिर से कोरोना के दैनिक मामलों का आंकड़ा डेढ़ लाख के बेहद करीब जा पहुंचा है और एक्सपर्ट आने वाले दिनों में अभी और स्थिति खराब होने की भविष्यवाणी कर चुके हैं। ऐसे में IIT मद्रास ने 1 फरवरी से लेकर 15 फरवरी के बीच तीसरी लहर के पीक पर जाने की संभावना जताई है।
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देश में 'आर शून्य' वैल्यू की दर 4 तक पहुंची
IIT मद्रास के शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि 1 फरवरी से 15 फरवरी के बीच देश कोरोना की तीसरी लहर के पीक का सामना कर सकता है। आपको बता दें कि देश में अभी 'आर-शून्य' मान जो कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार को दर्शाता है, वो इस सप्ताह में 4 दर्ज किया गया है। आर शून्य ये दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। अगर ये 1 से नीचे चला जाता है तो ये महामारी के अंत की शुरुआत होती है।
IIT मद्रास द्वारा किए गए कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग के शुरुआती विश्लेषण में पता चला है कि पिछले सप्ताह (25 दिसंबर से 31 दिसंबर) में R0 मूल्य राष्ट्रीय स्तर पर 2.9 के करीब था। यह संख्या इस सप्ताह (जनवरी 1-6) दर्ज की गई थी। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए IIT मद्रास के गणित विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर जयंत झा ने कहा है कि आर0 तीन चीजों पर निर्भर करता है - प्रसार की आशंका, संपर्क दर और संभावित समय अंतराल जिसमें संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अगर क्वारंटाइन के उपायों और पाबंदियां बढ़ाई जाएं तो हो सकता है कि संक्रमण दर में कमी आए।
जयंत झा ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर एक से 15 फरवरी के बीच चरम पर पहुंच सकती है और इसके पहले की लहरों की तुलना में तेज रहने की आशंका है।












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