• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

लॉकडाउन में टूटे उपभोक्ता, भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ी गिरावट की संभावना: RBI

|

नई दिल्ली। कोरोनावायरस प्रेरित लॉकडाउन का असर ही कहेंगे कि लगभग ढाई महीने पूर्ण और आंशिक रूप से ठप भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी की वजह गर्त में पहुंचती जा रही हैं, जिसका सीधा कनेक्शन उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति से जुड़ा है। आरबीआई की मानें तो लगातार आर्थिक बंदी झेल रहे भारतीय उपभोक्ता का विश्वास पूरी तरह डगमगा चुका है, जिसका असर चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था भारी गिरावट के संकेत दिए हैं।

12 अगस्‍त को रूस से आ रही है पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन, जानिए इसके बारे में सबकुछ

RBI

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गुरूवार को जारी एक सर्वे में अनमान लगाया गया है कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। उपभोक्ता विश्वास सर्वे में कहा गया है कि मई, 2020 में उपभोक्ताओं का भरोसा पूरी तरह टूट चुका था और मौजूदा स्थिति इंडेक्स (सीएसआई) अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है।

RBI
RBI
    Corona Lockdown : Modi Government ने मार्च 2021 तक new Schemes पर लगाई रोक | वनइंडिया हिंदी

    जानिए, कितनी होगी उस वैक्सीन की कीमत, जिसे कोरोना के खिलाफ तैयार कर रहा सीरम इंस्टीट्यूट

    आर्थिक पैकेज से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मदद, किसानों की आय बढ़ेगी: पीएम मोदी

    इसके अलावा सर्वे में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के एक साल आगे का भविष्य की संभावनाओं इंडेक्स में भी भारी गिरावट आई है, जो कि निराशावाद के क्षेत्र में पहुंच चुका है। वहीं, एक अन्य सर्वे के अनुसार चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.5 फीसदी की गिरावट आएगी। हालांकि अगला वित्त वर्ष कहीं बेहतर रहने की उम्मीद है।

    RBI

    लॉकडाउन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान, मूडीज ने बताया कब होगा सुधार

    रिजर्व बैंक द्वारा प्रायोजित 'प्रोफेशनल फोरकास्टर्स' (एसपीएफ) के सर्वे में कहा गया है कि वास्तविक जीडीपी में 2020-21 में 1.5 फीसदी की गिरावट आएगी, जबकि अगले वित्त वर्ष में यह वृद्धि राहत पर लौटेगी और इसमें 7.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज होगी।

    RBI

    भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका, GDP ग्रोथ 3.1 % पर ठिठकी

    सर्वे में कहा गया है कि वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) में चालू वित्त वर्ष में 0.5 फीसदी की गिरावट आएगी। हालांकि अगले वित्त वर्ष में इसमें 6.9 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है। सर्वे में कहा गया है कि वास्तविक सकल निश्चित पूंजी सृजन (जीएफसीएफ) में 2020-21 में 6.4 फीसदी की गिरावट आएगी। वहीं, अगले वित्त वर्ष 2021-22 में इसमें 5.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज होगी।

    चीन ने COVID-19 प्रेरित खराब अर्थव्यवस्था के लिए नहीं निर्धारित किया कोई जीडीपी लक्ष्य

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    In a survey released on Thursday by the Reserve Bank of India, there has been speculation that the Indian economy may decline by 1.5 percent in the current financial year 2020-21. The Consumer Confidence Survey said that consumer confidence had completely crumbled in May 2020 and the current status index (CSI) has fallen to its historic low.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more