राहुल ने लगाया अब अपने उस 'सुपरमैन' पर दांव, जिसने BJP से छीना उसका गढ़

नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सबसे ज्यादा परेशान करने वाले इस शख्स को राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव में उतार दिया है।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले देश में हो रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि इन पांच राज्यों के चुनाव परिणाम काफी हद तक आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा का भविष्य तय करेंगे। इन चुनावों की अहमियत को देखते हुए ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद प्रचार अभियान की कमान संभाली हुई है। विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराने की रणनीति के तहत अब कांग्रेस ने अपने सबसे दिग्गज संकटमोचक को चुनावी मैदान पर उतारा है।

14 सालों से भाजपा का गढ़ रही बेल्लारी सीट जीती

14 सालों से भाजपा का गढ़ रही बेल्लारी सीट जीती

अंग्रेजी वेबसाइट न्यूज 18 की खबर के मुताबिक कई मौकों पर कांग्रेस के लिए संकटमोचक साबित हुए और कर्नाटक विधानसभा चुनाव में ऐन वक्त पर पासा पलटने वाले दिग्गज नेता डीके शिवकुमार को पार्टी ने तेलंगाना चुनावों में जीत दिलाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। डीके शिवकुमार ने हाल ही में हुए उपचुनावों में पिछले 14 सालों से भाजपा के कब्जे में रही और रेड्डी बंधुओं का गढ़ मानी जाने वाली बेल्लारी लोकसभा सीट को जिताने में भी अहम भूमिका निभाई थी। कांग्रेस ने डीके शिवकुमार को तेलंगाना में महाकुटमी (महागठबंधन) को मजबूत करने के लिए भेजा है। पिछले 2-3 दिनों से तेलंगाना में कैंप कर रहे डीके कांग्रेस के चुनाव प्रचार और रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।

महाकुटमी को मजबूत करने की जिम्मेदारी

महाकुटमी को मजबूत करने की जिम्मेदारी

कर्नाटक में कांग्रेस, टीडीपी और कुछ अन्य छोटे दलों ने महाकुटमी (महागठबंधन) बनाया है। महाकुटमी तेलंगाना में सीएम चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली टीआरएस के लिए कड़ी चुनौती साबित हो रहा है। हाल ही में हुए टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने बागी रुख अपना लिया था। ऐसे में पार्टी को एकजुट करने की रणनीति में माहिर माने जाने वाले नेता डीके शिवकुमार को कांग्रेस ने इन बागी नेताओं को मनाने की भी जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने डीके शिवकुमार से कहा कि है कि वह कार्यकर्ताओं और नेताओं के पास जाएं और उनके अंदर 'करो या मरो' की भावना पैदा करते हुए उन्हें चुनाव के लिए तैयार करें।

एक बार फिर कांग्रेस को टेंशन से बाहर निकाला

एक बार फिर कांग्रेस को टेंशन से बाहर निकाला

डीके शिवकुमार के अलावा पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायण सामी और उनके मंत्री मल्लाडी कृष्णा राव भी हैदराबाद में चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। स्थानीय कांग्रेस नेताओं की मानें तो शिवकुमार पार्टी के बागी नेताओं को नामांकन वापस कराने में सफल रहे हैं। इसके अलावा डीके ने बूथ लेवल कमेटियों को भी काफी मजबूत तरीके से मैनेज किया है। प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने बताया, 'टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के कई नेता बागी हो गए थे, जिससे कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों में चिंता का माहौल था। शीर्ष नेतृत्व ने हालात को संभालने के लिए शिवकुमार को भेजा और उन्होंने बहुत जल्द हम इस मुश्किल से निकाल दिया। शिवकुमार एक तेज और राजनीति की जड़ों को समझने वाले राजनेता हैं।'

शिवकुमार को पता है, कौन सा कार्ड कहां चलना है

शिवकुमार को पता है, कौन सा कार्ड कहां चलना है

कर्नाटक के एक बड़े कांग्रेस नेता का कहना है, 'डीके शिवकुमार मुख्य तौर पर तेलंगाना की उन सीटों पर ध्यान दे रहे हैं, जो कर्नाटक की सीमा से सटी हैं और जहां कन्नड़ बोली या समझी जाती है। शिवकुमार राजनीति को बिजनेस की तरह हैंडल करते हैं। उन्हें मालूम है कि कौन सा कार्ड कहां, किस वक्त चलना है और इसमें वो कभी चूक नहीं करते।' आपको बता दें कि महज 27 साल की उम्र में शिवकुमार विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। प्रदेश सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके शिवकुमार सात बार विधायक रह चुके हैं और आज तक एक भी विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं। हालांकि 2002 में हुए लोकसभा उपचुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के सामने उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+