karnataka floor test: कांग्रेस का आरोप, 'बीजेपी द्वारा नियुक्त गवर्नर ठीक से काम नहीं कर रहे'
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बेंगलुरु। कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबीं आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, कर्नाटक में किसी भी पार्टी को जरुरी नंबर नहीं मिले हैं। भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन बहुमत दूसरे और तीसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस और जेडीएस के पास है। कर्नाटक की तरह मेघालय और गोवा में संविधान के विरुद्ध जाकर बीजेपी ने सरकार बनाई । कर्नाटक के राज्यपाल ने संवैधानिक मूल्यों का अपमान किया।

कांग्रेस के नेता गुलाम नबीं आजाद ने दावा किया कि , उनके 78 विधायक उनके साथ हैं। गुलाम नबीं आजाद ने राज्यपाल ने पर निशाना साधते हुए कहा कि, आज तक किसी राज्यपाल ने भारत के इतिहास में बहुमत साबित करने के लिए 2 हफ्तों का समय नहीं दिया है। राज्यपाल ने संविधान का उल्लंघन किया है। हमने कांग्रेस, जेडीएस और निर्दलीय विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी थी। इसके बावजूद गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया।
गुलाम नबीं आजाद ने कहा कि, कुछ विधायकों को बीजेपी की ओर नियुक्त किया गया है, वह संविधान के तहत फैसलने नहीं ले रहे हैं। मैं कांग्रेस पार्टी की तरफ कानून के शासन को कायम रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीशों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।
प्रेस कांन्फ्रेस में पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। संविधान में राज्यपाल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और उसे निष्पक्ष होना चाहिए। लेकिन कर्नाटक में राज्यपाल ने भाजपा के पक्ष में निर्णय लिया। सिद्धारमैया ने कहा कि, बीजेपी के पास येदुरप्पा समेत 104 विधायक हैं। जिस पत्र को येदुरप्पा ने सौंपा था उसमें किसी का भी नाम नहीं था, इसे बावजूद गवर्नर ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दे दिया। यह एक असंविधानिक कदम है। गोवा का उदाहरण स्पष्ट था। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार चुनाव से पहले हुए गठबंधन के बहुमत में आने पर उसे पहले न्यौता दिया जाता है। लेकिन गवर्नर ने इसे फॉलो नहीं किया। भले ही कांग्रेस ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे।












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