मोदी-बाइडेन की बातचीत के बाद जारी प्रेस रिलीज पर कांग्रेस का सवाल, क्यों नहीं है बांग्लादेश का जिक्र?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों ही देशों की ओर से इसको लेकर प्रेस रिलीज जारी की गई है।
प्रेस रिलीज में भारत ने बांग्लादेश संकट का जिक्र किया है जबकि अमेरिका की ओर से जो रिलीज जारी की गई है, उसमे बांग्लादेश संकट का जिक्र नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने अब इसका मुद्दा बना दिया है और सवाल किया है कि आखिर क्यों बांग्लादेश का मुद्दा अमेरिका की ओर से जारी प्रेस रिलीज में नहीं है जबकि भारत की ओर से जारी प्रेस रिलीज में है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि व्हाइट हाउस की प्रेस विज्ञप्ति में बांग्लादेश का जिक्र क्यों नहीं किया गया, जबकि भारतीय संस्करण में इसे शामिल किया गया।
खेड़ा ने यह भी पूछा कि बाइडेन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को संबोधित करना क्यों महत्वपूर्ण नहीं समझा। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि मोदी और बाइडेन बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता साझा करते हैं, लेकिन व्हाइट हाउस के खाते में यह बात नहीं थी।
सरकारी सलाहकार कंचन गुप्ता ने खेड़ा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित सभी मुद्दों पर वास्तव में चर्चा हुई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय बयान में मोदी और बाइडेन के बीच बातचीत को सटीक रूप से दर्शाया गया है।
रणनीतिक विचारक ब्रह्मा चेलानी ने इस मु्द्दे पर कहा कि अलग-अलग हितों के कारण ही अमेरिका ने बांग्लादेश का ज़िक्र नहीं किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका अक्सर अपने रणनीतिक हितों के कारण कुछ देशों में मानवाधिकारों के हनन पर चुप रहता है।
एक अन्य विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने कहा कि मोदी की यूक्रेन यात्रा के दौरान अमेरिका ने शायद अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चुना होगा। उन्होंने कहा कि शायद यही कारण है कि उन्होंने बांग्लादेश पर चर्चा को उतना महत्व नहीं दिया जितना भारत ने दिया।












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