कांग्रेस ने इन 6 नए चेहरों पर लगाया दांव, निभाएंगे सोनिया गांधी के सलाहकार की भूमिका
नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कांग्रेस में भारी संगठनात्मक बदलाव किया है। इन फेरबदल में कांग्रेस ने जहां कई पुराने चेहरों को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। वहीं कुछ युवाओं और नए चेहरों को कांग्रेस कार्यसमिति में जगह दी है। इसके साथ ही शुक्रवार को सोनिया ने 6 सदस्यीय विशेष सलाहकार समिति का ऐलान किया। इसमें गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले लोगों को जगह दी गई है। इस समिति में सिर्फ लेटर लिखने वाले नेताओं में शामिल मुकुल वासनिक को सदस्य बनाया गया है।
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अब इन 6 चेहरों की सलाह पर चलेगी कांग्रेस
पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करने के लिए जिस 6 सदस्यीय विशेष समिति को बनाया गया है, उसमें गांधी परिवार के विश्वासपात्रों में गिने जाने वाले अहमद पटेल, एके एंटनी, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का भी पुनर्गठन किया गया है। इसमें मिस्त्री के अलावा राजेश मिश्रा, कृष्णा गौड़ा, ज्योतिमणि और अरविंदर सिंह लवली को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

पवन कुमार बंसल को नई जिम्मेदारी
नयी सीडब्ल्यूसी में 22 सदस्य, 26 स्थायी आमंत्रित सदस्य और नौ विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। अब तक महासचिव प्रभारी (उप्र-पूर्व) की जिम्मेदारी निभा रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा को अब पूरे प्रदेश के प्रभारी का जिम्मा आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया है। संगठन के प्रशासन की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को दी गई। अभी तक यह जिम्मेदारी मोतीलाल वोरा के पास थी।

परिवर्तन में राहुल गांधी की छाप
कांग्रेस में हुए ये संगठनात्मक परिवर्तन में राहुल गांधी की छाप साफ नजर आती है। ताजा बदलाव के बाद अधिकांश नए सचिवों को उनके करीबी सहयोगी के रूप में जाना जाता है, जिसमें महासचिव सुरजेवाला, अजय माकन, जितेंद्र सिंह और केसी वेणुगोपाल भी शामिल हैं। नए सीडब्ल्यूसी सदस्य के तौर पर दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला, मनिकम टैगोर, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, एचके पाटिल, सलमान खुर्शीद, पवन बंसल, दिनेश कुंदुरो, मनीष चतरथ और कुलजीत नागरा की एंट्री हुई है।

कई लोगों की बदली गईं जिम्मेदारियां
इसके अलावा जितिन प्रसाद को कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का प्रभारी बनाया है। उनके कद में बढ़ोत्तरी की गई है। बता दें कि विवादास्पद चिट्ठी पर दस्तखत करने वाले नेताओं में जितिन प्रसाद भी थे। कांग्रेस ने बदलाव करते हुए नौ महासचिव और 17 प्रभारी रखे हैं। इनमें जहां कुछ लोगों की जिम्मेदारी नहीं बदली, वहीं कुछ पुरानों को हटाकर नयों का लाया गया जबकि कुछ के प्रभार बदल दिए गए।












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