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मध्य प्रदेश कांग्रेस में सोनिया लेने वाली हैं कोई बड़ा फैसला, सिंधिया-कमलनाथ दिल्ली तलब

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नई दिल्ली- मध्य प्रदेश कांग्रेस में जारी आंतरिक कलह के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को खुद दखल देना पड़ गया है। उन्होंने राज्य में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर दोनों के समर्थकों की ओर से जारी हंगामें के मद्देनजर मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को फौरन दिल्ली आने को कहा है। हालांकि, दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो जाए इसके लिए एहतियातन कांग्रेस अध्यक्ष ने दोनों को अलग-अलग समय पर मिलने को कहा है। गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस में जारी विवाद के बीच हाल ही कमलनाथ उनसे मिलकर जा भी चुके हैं। लेकिन, अब पार्टी आलाकमान को लग रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष का फैसला ज्यादा दिन तक टालना आत्मघाती हो सकता है।

दोनों से इकट्ठे नहीं करेंगी मुलाकात

दोनों से इकट्ठे नहीं करेंगी मुलाकात

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंगलवार को ही दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को एक दिन बाद यानि बुधवार को आने के लिए कहा है। दोनों नेताओं से अलग-अलग समय पर मिलने का फैसला सोनिया ने इसलिए किया है, ताकि दिल्ली में उनके सामने दोनों नेताओं के बीच कोई अप्रिय स्थिति न पैदा हो जाए। जानकारी के मुताबिक सोनिया गांधी ऐसे नेता को प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपना चाहती हैं, जिन्हें कमलनाथ के साथ-साथ सिंधिया का भी समर्थन प्राप्त हो। लेकिन, मौजूदा वक्त में यह लगभग नाममुकिन सा लग रहा है।

सिंधिया भी हैं रेस में

सिंधिया भी हैं रेस में

दरअसल, कुछ समय से मध्य प्रदेश कांग्रेस में भारी घमासान मचा हुआ है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक खुलेआम सामने आ रहे हैं और उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग कर रहे हैं। इनमें सबसे पहला नाम दतिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक डांगी का है, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर सिंधिया को अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे। उनके बाद मोरैना के जिलाध्यक्ष राकेश मवई ने भी पार्टी के सामने ऐसी ही मांग रख दी थी। डांगी ने कहा है, 'प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं को सिंधिया की लोकप्रियता को पचाना मुश्किल हो गया है और वो उन्हें मध्य प्रदेश से बाहर रखने की साजिशें रच रहे हैं।' दरअसल, पार्टी अध्यक्ष की रेस में सिंधिया भी हैं, लेकिन वे खुद कुछ कहने की बजाय अपने समर्थकों को आगे कर रहे हैं। उनके समर्थन में समर्थक पोस्टरबाजी भी कर रहे हैं।

सिंधिया के खिलाफ है दिग्विजय-कमलनाथ खेमा

सिंधिया के खिलाफ है दिग्विजय-कमलनाथ खेमा

ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह में प्रदेश कांग्रेस के एक और बड़े नेता दिग्विजय सिंह भी रोड़ा बताए जा रहे हैं। वे नहीं चाहते कि सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बनें, इससे कमलनाथ का काम आसान हो रहा है। दिग्गविजय और कमलनाथ के बीच का समीकरण विधानसभा चुनावों के वक्त से ही है और सिंधिया खेमा मानता है कि ये दोनों मिलकर ही उन्हें किनारे करना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ किसी आदिवासी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत कर रहे हैं, जिससे सिंधिया का पत्ता खुद ही कट जाए। सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद कमलनाथ को दूसरी बार 10 जनपथ पर उपस्थित होने को कहा गया है। हाल ही में जब सिंधिया ने विवाद की वजह से पार्टी छोड़ने की धमकी दी थी, तब सोनिया ने कमलनाथ को बुलाकर पार्टी में अनुशासन का मुद्दा उठाया था। तब कमलनाथ ने कहा था, 'हमनें मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में अनुशासनहीनता के मुद्दे पर चिंता जताई है। मामले को पार्टी के अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटनी को सौंप दिया गया है।' गौरतलब है कि हाल में सिंधिया कुछ मुद्दों पर पार्टी से पूरी तरह से अलग लाइन भी ले चुके हैं।

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English summary
Congress President Sonia Gandhi called Kamal Nath-Scindia to Delhi
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