चुनाव से पहले आंध्र प्रदेश में खुद को पुर्नजीवित करने में जुटी कांग्रेस पार्टी
तेलंगाना में शानदार जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस पार्टी पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में खुद को फिर से खड़ा करने के प्रयास में जुट चुकी है।आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ होने वाले हैं, ऐसे में कांग्रेस तेलुगु राज्य में अपनी उपस्थिति को पुनर्जीवित करना चाह रही है।

बता दें 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद वोटरों नेताओं, कार्यकर्ताओं और पार्टी संरचना को खोने के बाद, कांग्रेस व्यावहारिक रूप से राज्य के राजनीतिक कैनवास में अस्तित्वहीन हो गई है।
पार्टी आंध्र प्रदेश में अपने पुनरुत्थान को बढ़ावा देने के लिए नेहरू-गांधी परिवार की विरासत और तेलंगाना की जीत से मिले मनोबल पर भरोसा कर रही है। इस दिशा में पहला कदम राज्य के लिए एआईसीसी प्रभारी की नियुक्ति थी।
वहीं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता राहुल गांधी ने आंध्र प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनावों और राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में एक बैठक की।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली में हुई इस बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने वाईएस शर्मिला की पार्टी में संभावित एंट्री के बारे में पूछताछ की। जिसमें आंध्र प्रदेश के नेताओं ने शर्मिला के नाम पर बड़ी हामी भरी।
याद रहे पहले ही साउथ फर्ट के नेताओं ने पहले ही पार्टी को दिवंगत कांग्रेसी दिग्गज और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी वाईएस शर्मिला के बारे में बताया था कि - तेलंगाना नहीं, आंध्र प्रदेश में उनकी राजनीतिक संभावनाएं अधिक हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गिदुगु रुद्र राजू ने अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान की गई गतिविधियों पर एक रिपोर्ट सौंपी। इसके आलावा उन्होंने जनवरी में आंध्र प्रदेश में होने वाली सार्वजनिक रैलियों में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से भाग लेने का भी आग्रह किया। कांग्रेस को आंध्र प्रदेश में नेहरू-गांधी परिवार की सद्भावना को भुनाने की भी उम्मीद है।












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