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यंग इंडियन ऑफिस पर ED का ताला, तिलमिलाई कांग्रेस ने तानाशाह की बौखलाहट बताया, कल सांसदों की बैठक

कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से तिलमिलाई हुई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ के बाद ED ने नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग में यंग इंडियन का दफ्तर सील कर दिया है। congress national herald young india
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नई दिल्ली, 03 अगस्त : नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग में प्रवर्तन निदेशालय ने यंग इंडियन का दफ्तर सील कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ईडी की कार्रवाई से तिलमिला गई है। कांग्रेस ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि ईडी की कार्रवाई से तानाशाह की बौखलाहट साफ दिख रही है। तमाम कार्रवाई के बावजूद बेरोजगारी और महंगाई पर सवाल जरूर पूछे जाएंगे।

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    National Herald Case में ED का बड़ा एक्शन, Young India का दफ्तर सील | वनइंडिया हिंदी | *News

    कांग्रेस सांसदों की बैठक

    ED और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बीच कांग्रेस पार्टी ने सांसदों की बैठक बुलाई है। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए गुरुवार सुबह 9:45 बजे कांग्रेस संसदीय दल कार्यालय में सभी राज्य सभा और लोक सभा सांसदों की बैठक होगी। कांग्रेस सांसद आज की घटना को लेकर संसद में स्थगन प्रस्ताव नोटिस भी देंगे।

    Money Laundering का मामला ही नहीं !

    इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने ईडी की पूरी कार्रवाई को ही कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई में पैसे कहीं बरामद नहीं हुए हैं, ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला बनता ही नहीं।

    ED ने क्यों सील किया दफ्तर

    यंग इंडियन ऑफिस पर ईडी की सील के संबंध में सलमान खुर्शीद ने कहा, हमें जो कुछ भी कहना है, हम आधिकारिक तौर पर कहेंगे। हमारे प्रवक्ता बोलेंगे। हमें चर्चा करनी होगी और हम करेंगे। दफ्तर सील करने का कोई कारण नहीं है, कारण सामने आ जाएगा। इस देश में कोई छिप नहीं सकता और हमला नहीं कर सकता।

    कांग्रेस का पहला रिएक्शन

    इससे पहले कांग्रेस ने पहली प्रतिक्रिया में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि ED की कार्रवाई से तानाशाह की बौखलाहट दिख रही है। कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस मुख्यालय को पुलिस पहरे में कैद किया जा रहा है। कांग्रेस ने खुद को गांधी के अनुयायी करार दिया और दो टूक लहजे में कहा कि इन अंधेरों से लड़ के जीतेंगे।

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    पुलिस छावनी में बदले कांग्रेस के केंद्र

    कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (AICC) ने 5 अगस्त को महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर GST के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का सर्कुलर जारी किया है। इसमें राज्यों में राजभवनों के सामने, राष्ट्रपति भवन के समक्ष सांसदों द्वारा और पीएम हाउस पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। माकन ने कहा, आज हम लोगों के पास दिल्ली के DCP की तरफ से 5 तारीख को कोई प्रदर्शन न करने का पत्र आया। शाम को पूरी AICC पुलिस छावनी में तब्दील कर दी गई।

    पुलिस से डराने की कोशिश

    बकौल अजय माकन, "हम सरकार को कहना चाहते हैं कि आप जितना मर्जी दबाव की नीति अपना लें, महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर लगी GST के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन करती रहेगी। हम पीछे नहीं हटने वाले।" उन्होंने सवाल किया कि आज AICC, 10 जनपथ, 12 तुगलक लेन पर पुलिस पहरा... किसलिए ?

    कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी

    माकन ने आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल हम पर दबाव डालने के लिए किया जा रहा है, ताकि हम महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर लगी GST के खिलाफ जनता की आवाज न उठा सकें। उन्होंने कहा, ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि ये जाहिर किया जाए कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाती। माकन ने कहा, कांग्रेस पार्टी ऐसे दबावों में आने वाली नहीं है और महंगाई, बेरोजगारी, GST के खिलाफ 5 अगस्त को हमारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।

    अघोषित आपातकाल, देश की जनता खामियाजा भुगतेगी

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी दिल्ली पुलिस के पहरे पर सवाल खड़े किए। वीडियो ट्वीट के साथ गहलोत ने लिखा कि आज का समय अघोषित आपातकाल है। उन्होंने कहा कि इस तनाशाही सरकार के खिलाफ अगर जनता खड़ी नहीं हुई तो पूरे देश को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

    10 साल पहले हुई घटनाओं की जांच

    प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, भाजपा बहकाना चाहती है ताकि अखबारों में बेरोजगारी, महंगाई की बात न हो। उन्होंने कहा, हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी के दिल में एक जब्त मानसिकता के साथ 10 साल पहले हुई घटनाओं के लिए एक खुली जांच (open-ended investigation) देख रहे हैं।

    सनसनी पैदा करने का प्रयास

    उन्होंने सवाल किया, क्या हम इस पर विश्वास कर सकते हैं ? भारत - दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र होने का गर्व करता है लेकिन इसकी मानसिकता पर पहरा लग गया है। बकौल सिंघवी, "मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि लोग आ-जा नहीं सकते, हर जगह पलटन हैं और किस लिए ?" उन्होंने आरोप लगाए कि पुलिस की परेड का एकमात्र उद्देश्य एक स्तर पर अपमान और धमकी देना और दूसरे स्तर पर विचलन, विषयांतर और सनसनी पैदा करना है।

    10-12 के बदले 200 सवाल !

    सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी से 50 घंटे की पूछताछ और कई दिनों तक कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) से पूछताछ में 200 से ज्यादा सवाल एक साथ रखे गए। उन्होंने कहा कि अगर सबसे चतुर और कल्पनाशील दिमाग वाले लोगों को भी सवाल पूछने होते तो 10-12 से अधिक प्रश्न नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में मानसिकता पर पहरा डाला जा रहा है। भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। भारत के सबसे पुराने राजनीतिक दल के नेतृत्व के खिलाफ जांच एजेंसियों को बिना सोचे समझे तैनात किए जाने की घटना पूरा देश देख रहा है।

    जिम्मेदार विपक्ष की जिम्मेदारी

    उन्होंने सवाल किया, आप इस संस्था, इस पार्टी, इन नेताओं को आतंकवादी मान रहे हैं। यह क्षुद्र राजनीति का सबसे खराब रूप है ताकि हम विचलित हो जाएं। सिंघवी ने दो टूक लहजे में कहा, "हम पहले भी कह चुके हैं कि इन घटिया हथकंडों से हमारी आवाजें बंद नहीं होंगी।" उन्होंने सरकार से कहा, आप इन भटकाव के तरीकों और अपनी हरकतों से अपने आपको पूरी दुनिया के सामने एक्सपोज कर रहे हैं। खुद ही अपने कृत्यों और चूक को रेखांकित कर रहे हैं। चाहे कुछ भी हो, हम कभी भी पीछे नहीं हटेंगे। हम एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी से कभी नहीं भागेंगे।

    विनाशकाले विपरीत बुद्धि !

    बुधवार की प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य जयराम रमेश ने कहा, आज जो हो रहा है, यह प्रतिशोध, धमकी की राजनीति है। परंतु एक कहावत है, 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि।' उन्होंने कहा कि इस समय महंगाई, बेरोजगारी, GST का विनाशकाल है। मोदी सरकार दो हफ्ते तक सदन में महंगाई पर चर्चा से भागती रही। अब 5 अगस्त को कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन को रोकने के लिए गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आज से ही शुरुआत कर चुके हैं

    प्रतिशोध की राजनीति

    बकौल जयराम रमेश, जिस तरह से हमारे नेताओं, दफ्तरों पर पुलिस का पहरा है, साफ लग रहा है कि यह भय की राजनीति है। यह लोकतांत्रिक तरीका नहीं है, हम भागेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जरूर होगा। जो धमकी देते हैं; जो प्रतिशोध की राजनीति करते हैं; जो भय का वातावरण फैलाते हैं, वही डरते हैं। हम डरने वाले नहीं हैं।

    National Herald पटेल और नेहरू की विरासत !

    बता दें कि इन नेताओं के बयानों के अलावा कांग्रेस पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से नेशनल हेराल्ड केस का पक्ष स्पष्ट करने का प्रयास किया है। जानना जरूरी है टाइटल के साथ कांग्रेस ने कहा, स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज बुलंद करने के मकसद से सरदार पटेल और पंडित नेहरू जैसे राष्ट्रवादी लोगों ने नेशनल हेराल्ड की शुरुआत की। अंग्रेजी हुकूमत ने कई वर्षों के लिए इसे बैन कर दिया मोदी सरकार भी उसी रास्ते पर है और परेशान कर रही है।

    कांग्रेस ने वित्तीय लेन-देन के पहलू पर कहा कि कांग्रेस ने 90 करोड़ रुपयो का लोन दिया था। इसका मकसद National Herald के कर्मचारियों का वेतन, वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम (VRS) के तहत भुगतान करना था। कांग्रेस का कहना है कि 100 किश्तों में दिए गए लोन को गलत कैसे कहा जा सकता है।

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    English summary
    congress national herald young india office enforcement directorate
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