जावेद अख्तर के तालिबान-आरएसएस को लेकर दिए बयान पर बोले दिग्विजय सिंह- उनको भी राय रखने का हक
नई दिल्ली, 7 सितंबर: जानेमाने गीतकार और शायर जावेद अख्तर ने हाल ही में तालिबान की तुलना आरएसएस और विहिप जैसे संगठनों से की थी। इसको लेकर भाजपा ने उनकी काफी कड़ी आलोचना की है। जावेद अख्तर के बयान को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने उनका बचाव किया है। सिंह ने कहा कि सभी को अपनी बात कहने का हक है, इसलिए वो इस पर कुछ नहीं कहेंगे।

दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को जावेद अख्तर के बयान को लेकर हुए सवाल पर कहा, भारत का संविधान हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। हालांकि मुझे नहीं पता कि जावेद अख्तर ने किस संदर्भ में ये बयान दिया है लेकिन हमें खुद को व्यक्त करने का अधिकार है तो उन्होंने भी अपनी बात रख दी। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि वैसे व्यंग्यकार संपत सरल ने एक बार तालिबान को परिभाषित करते हुए कहा था कि राजनीति प्लस धर्म को मिला दीजिए तो वही तालिबान है।
पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर ने बीते हफ्ते तालिबान को लेकर कहा था कि तालिबानएक बर्बर संगठन हैं और उनकी हरकतें निंदनीय हैं, इसको कोई नहीं नकार सकता है लेकिन हमारे देश के आरएसएस, विहिप और बजरंग दल भी उसी तरह के हैं। वहां तालिबान एक इस्लामिक राज्य चाहते हैं, यहां ये हिंदू राष्ट्र चाहते हैं। ये लोग एक ही मानसिकता के हैं। हालांकि इस देश का अधिकांश हिस्सा अत्यंत सभ्य और सहिष्णु है, इसलिए मुझे भरोसा है कि भारत कभी तालिबान देश नहीं बनेगा।
भाजपा और शिवसेना ने की जावेद को घेरा
जावेद अख्तर के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता राम कदम ने कहा है कि इस तुलना के लिए अगर अख्तर आरएसएस से माफी मांगें नहीं तो उनकी फिल्में नहीं चलने दी जाएंगी। इसके अलावा शिवसेना ने भी आरएसएस का बचाव किया है और जावेद अख्तर के बयान को गलत कहा है।
तालिबान का अफगानिस्तान में सरकार गठन का ऐलान, मोहम्मद हसन को दी गई कमान



Click it and Unblock the Notifications