'क्या राहत देने की जिम्मेदारी सरकार की नहीं?', महंगाई को लेकर राहुल ने मोदी सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने एफडी, पीपीएफ, ईपीएफ और महंगाई से जुड़े आंकड़े अपने ट्वीट करते हुए पूछा है कि क्या सरकार की जिम्मेदारी जनता को राहत देने की नहीं है?
नई दिल्ली, 15 मार्च: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मची कलह के बीच पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने एफडी, पीपीएफ, ईपीएफ और महंगाई से जुड़े आंकड़े अपने ट्वीट करते हुए पूछा है कि क्या सरकार की जिम्मेदारी जनता को राहत देने की नहीं है? गौरतलब है कि सोमवार को ही सरकार की तरफ से खुदरा महंगाई और थोक महंगाई दर के आंकड़े जारी किए गए थे।

राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने ट्वीट में लिखा, 'सरकार की गलत नीतियों का परिणाम आम नागरिक झेल रहा है। एफडी- 5.1 फीसदी, पीपीएफ- 7.1 फीसदी, ईपीएफ- 8.1 फीसदी, खुदरा महंगाई दर- 6.07 फीसदी, थोक महंगाई दर- 13.11 फीसदी...। जनता को राहत देने की जिम्मेदारी क्या सरकार की नहीं है?' राहुल ने अपने ट्वीट में आंकड़ों के साथ कमी और बढ़ोत्तरी के मार्क भी लगाए हैं। आपको बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने ईपीएफ पर ब्याज की दरें घटाकर 8.5 फीसदी से 8.1 फीसदी की हैं।
गांधी परिवार स्वेच्छा से कांग्रेस का नेतृत्व छोड़े- सिब्बल
हालांकि केंद्र सरकार पर हमलावर राहुल गांधी की अपनी ही पार्टी में बगावती सुर उठ रहे हैं। दरअसल पांज राज्यों में मिली चुनावी हार के बाद पार्टी के दिग्गज नेता और जी-23 के सबसे मुखर सदस्य कपिल सिब्बल ने मांग उठाई है कि गांधी परिवार को स्वेच्छा से ही कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा कि वो घर की कांग्रेस नहीं, बल्कि सब की कांग्रेस चाहते हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी को उन नेताओं को भी बात सुननी चाहिए, जो संसदीय कमेटी के सदस्य नहीं हैं। वहीं, कपिल सिब्बल के इस इंटरव्यू को लेकर जब संसद पहुंचे राहुल गांधी से पत्रकारों ने जवाब मांगा तो राहुल बिना जवाब दिए ही निकल गए।












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