2019 में मायावती-ममता बनर्जी को भी पीएम उम्मीदवार मानने को तैयार है कांग्रेस!
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नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव में अब कुछ ही महीनों का समय बचा हुआ है, ऐसे में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस बार के आम चुनाव में अपने सभी विकल्प खुले रखना चाहती है। दरअसल पार्टी की तरफ से यह साफ है कि अगर भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो राहुल गांधी उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। लेकिन इसके साथ ही कांग्रेस अन्य विकल्प के लिए अपने रास्ते खुला रखना चाहती है। सूत्रों के अनुसार पार्टी दलित नेता मायावती और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार करने को तैयार है।

भाजपा को सत्ता से दूर रखना लक्ष्य
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हर हाल में इस बार भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से दूर रखना चाहते हैं, लिहाजा वह चाहते हैं कि अगले छह महीने में विपक्षी एकता को मजबूत किया जाए, इसके लिए बसपा सुप्रीम मायावती और ममता बनर्जी प्रमुख दावेदार के तौर पर सामने उभरकर आई हैं। अगले छह महीने में कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य है कि वह विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट करे और भाजपा को सत्ता से दूर रखे। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस किसी भी हाल में यह नहीं चाहती है कि अगला प्रधानमंत्री भाजपा या आरएसएस का की विचारधारा का हो, लिहाजा वह अपने सभी विकल्प इस बार खुले रखना चाहती है।
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राजनाथ सिंह और पीएम मोदी ने किया था हमला
एनडीटीवी के अनुसार पार्टी के शीर्ष सूत्र ने कहा है कि कांग्रेस मायावती और ममता बनर्जी को पीएम उम्मीदवार बनाने के लिए तैयार है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते कांग्रेस पर लगातार हमला बोलते हुए कहा था कि कैसे पार्टी ने अपने सहयोगी दलों को धोखा दिया है। उन्होंने कहा था कि यह गठबंधन उसी वक्त खत्म हो जाएगा जब इसके नेता के चयन की बात सामने आएगी तो यह गठबंधन बिखर जाएगा।

यूपी-बिहार है अहम
कांग्रेस का मानना है कि विपक्ष बिहार और उत्तर प्रदेश में भाजपा को कड़ी चुनौती दे सकता है, लेकिन इन दोनों ही राज्यों में विपक्ष को एकजुट करने की जरूरत है, यहां कुल 543 लोकसभा सीटों में से 120 सीटें हैं, लिहाजा इस दृष्टिकोण से दोनों ही राज्य काफी अहम हैं। अगर गठबंधन यहां बेहतर प्रदर्शन करता है तो कांग्रेस को लगता है कि भाजपा के लिए फिर से सत्ता में आ पाना काफी मुश्किल होगा।

दानिश अली ने मायावती का किया था समर्थन
हालांकि मायावती और ममता बनर्जी ने खुद को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश किए जाने पर कोई बयान नहीं दिया है लेकिन दोनों ही ने इस प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है, जोकि अपने आप में एक अलग राजनीतिक संकेत देने के लिए काफी है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब कर्नाटक चुनाव के बाद जेडीएस नेता दानिश अली ने कहा था कि मायावती 2019 के चुनाव में काफी अहम भूमिका निभाएंगी, तो मायावती के लिए खुद यह एक बड़ा संकेत था।

सोनिया निभाएंगी अहम भूमिका
हालांकि मौजूदा स्थिति में कांग्रेस पश्चिम बंगाल में टीएमसी के साथ गठबंधन करने पर बात नहीं कर रही है, लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वह मायावती के साथ गंठबंधन की शुरुआत करने जा रही है। वह चाहती हैं कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी वह बसपा के साथ गठबंधन करे। हालांकि राजस्थान कांग्रेस ने प्रदेश में बसपा के साथ किसी भी तरह का गठबंधन करने से इनकार किया है, लेकिन प्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी लेंगे। रविवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने राहुल गांधी इस बात का पूरा अधिकार दे दिया है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की संभावना को बढ़ाने के लिए जिस पार्टी के साथ चाहे गठबंधन कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी यह नहीं चाहती हैं कि पार्टी जहां पर सत्ता में है वह वहां कोई फैसला लें, बल्कि वह गठबंधन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहती हैं।
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