'कांग्रेस ने CM को ये अधिकार दिया, कृपया...', कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे पर बोले डीके शिवकुमार
कर्नाटक में किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है, इसके साथ ही अभी कैबिनेट विस्तार भी नहीं हुआ है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने कमान संभाल रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उनके नौ विधायकों ने मंत्री की शपथ लेकर सीएम की कैबिनेट में शामिल हुए थे। हालांकि सिद्धारमैया की कैबिनेट में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नही हुआ है और ना ही कैबिनेट का विस्तार हुआ है।
वहीं बुधवार को कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से जब पत्रकारों ने राज्य मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल किया तो उन्होंने जवाब में कहा कि कैबिनेट विस्तार मेरे मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। उनके पास अधिकार है, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अधिकार दिया है। डीके शिवकुमार ने कहा कैबिनेट विस्तार पर जवाब देने के लिए वो सही व्यक्ति नहीं हैं, कृपया उनसे मिलें।
सीएम दिल्ली में जाकर करेंगे इस बात करेंगे चर्चा
हालांकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार बुधवार शाम नई दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने और कैबिनेट विस्तार और मौजूदा मंत्रियों को विभागों के आवंटन पर चर्चा करने की उम्मीद है।
डिप्टी सीएम सिद्धारमैया के साथ जाएंगे
मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार सिद्धारमैया शाम साढ़े छह बजे एक विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और आज रात दिल्ली में ही रुकेंगे। शिवकुमार के कार्यालय के अनुसार, डिप्टी सीएम सिद्धारमैया के साथ जाएंगे। दिल्ली यात्रा का विवरण मीडिया के साथ साझा नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा कि मंत्रियों को विभागों के आवंटन और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा करने के लिए उनके कांग्रेस नेतृत्व से मिलने की उम्मीद है।
सिद्धारमैया और डीके के बीच मतभेद के कारण नहीं हुआ निर्णय
कांग्रेस पार्टी के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी आलाकमान ने आठ मंत्रियों की पहली सूची को मंजूरी दे दी है,और पहले ही सिद्धारमैया की कैबिनेट में अन्य मंत्रियों की शामिल करने के लिए तैयार थे, लेकिन नामों को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित रूप से मतभेद थे, इसलिए पिछले हफ्ते शनिवार को केवल आठ मंत्रियों को शपथग्रहण समारोह करवाया गया।
सिद्धारमैया के सामने हैं ये चुनौतियां
सिद्धारमैया के सामने एक नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन और सही संयोजन के साथ कैबिनेट का विस्तार करना, जो सभी समुदायों, क्षेत्रों, गुटों और विधायकों की पुरानी और नई पीढ़ी के प्रतिनिधियों के बीच संतुलन स्थापित करना ये बड़ी चुनौतियां हें।
134 जीत कर आए कुल 34 ही बन सकते हैं मंत्री
याद रहे कर्नाटक चुनाव में कांग्रस के 134 विधायकों ने जीत हासिल की है वहीं कर्नाटक मंत्रिमंडल की स्वीकृत शक्ति 34 हैं, मंत्री पद के लिए बहुत अधिक आकांक्षी हैं, ऐसे में विधायकों में से किसे मंत्रीमंडल में शामिल किया जाए ये भी कांग्रेस सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है।












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