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    Health Report: भारत में कंडोम का प्रयोग घटा, 8 साल में दोगुने हुए गर्भपात के मामले

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    नई दिल्ली। 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया,इस दिवस के मौके पर लोगों को परिवार नियोजन के तरीकों और बढ़ती आबादी के दुष्परिणाम से लोगों को अवगत कराया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई है, बताते चले कि ये रिपोर्ट 2008 से 2016 तक के बीच किए गए सर्वे पर आधारित है।

    देश में आई कंडोम यूज में 52 % की कमी...

    देश में आई कंडोम यूज में 52 % की कमी...

    विभाग की हेल्थ रिपोर्ट कहती है कि इस वक्त देश में कंडोम के इस्तेमाल में 52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जिसे कि किसी भी सूरत में अच्छा नहीं कहा जा सकता है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि कंडोम के प्रयोग में सबसे ज्यादा गिरावट केरल में दर्ज की गई है, जो कि देश का सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा राज्य है जबकि बिहार के लोगों में इसका प्रयोग बढ़ा है।

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    भारत में टोटल फर्टिलिटी रेट में कमी आई

    भारत में टोटल फर्टिलिटी रेट में कमी आई

    • इन सबके अलावा इस वक्त भारत में टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) में कमी आई है और लोगों का रूझान पिछले 8 सालों में परिवार नियोजन के प्रति किए जा रहे उपायों के प्रति कम हुआ है।
    • नसबंदी कराने वाले मर्दों की संख्या में 75 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है तो वहीं गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल में 30-40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
    बढ़ रहे हैं गर्भपात के मामले

    बढ़ रहे हैं गर्भपात के मामले

    पिछले 8 सालों में देश के अंदर गर्भपात के मामले बढ़े हैं। जिसके पीछे कारण असुरक्षित यौन संबंध, गर्भनिरोधक का महिलाओं पर बढ़ता दवाब और महिलाओं का बिगड़ता स्वास्थ्य है। सर्वे में कहा गया है कि ज्यादातर देश के पुरुष नसबंदी या कंडोम का प्रयोग नहीं करते हैं, जिसकी वजह से अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए महिलाओं को जबरदस्ती IUD या फिर गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करना पड़ रहा है।

    इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल बढ़ा

    इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल बढ़ा

    एक तरफ जहां पिछले 8 सालों में कंडोम और गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल में कमी आयी है वहीं इमरजेंसी कॉन्ट्रसेप्टिव पिल्स के इस्तेमाल में 100 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है लेकिन ये स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है क्योंकि इसके बहुत सारे साइड इफेक्टस हैं, जैसे कि प्रजनन क्षमता का कमजोर होना, महिलाओं का मासिक धर्म अनियमित हो जाना और बहुत सारे यौन रोगों का पनप जाना, इसलिए ये महिलाओं के लिए ठीक नहीं है।

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    English summary
    Condom Use Decreased By 52 Percent Whereas and Abortion And Emergency Pills Use Increased in India.
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