27 लाख की घड़ी, 14 किलो सोना, ऑडी, बीएमडब्ल्यू सब है इनके पास, जानिए कम्प्यूटर बाबा की पूरी कहानी
एक महंत ने उनके कंप्यूटर बाबा के नाम का भी खुलासा किया है। उनका कहना है कि बाबा को तेज दिमाग, स्मार्ट वर्किंग और कार्यशैली के कारण यह नाम मिला है
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में चुनावी साल में पांच संतों को नर्मदा नदी की रक्षा के लिए राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। शिवराज सरकार के इस फैसले के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राज्य में शायद पहली बार है जब संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। जिन संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है उनमें नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं। इन पांच संतों में से सबसे ज्यादा सुर्खियों में स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा हैं। ये वही कंप्यूटर बाबा हैं, जिन्होंने शिवराज सरकार के खिलाफ 'नर्मदा घोटाला यात्रा' निकालने का फैसला किया था। लेकिन बाद में बिना कारण बताए इसे रद्द भी कर दिया।

फेसबुक पर भक्तों से चैटिंग काफी पसंद हैं
2013 में कंप्यूटर बाबा अचानक सुर्खियों में आ गये थे जब उन्होंने कुंभ मेले में हेलीकॉप्टर से आने की अनुमति मांगी थी। वह इंदौर के दिगंबर अखाड़ा का प्रतिनिधित्व करते हैं। बता दें कि बाबा का असल नाम नामदेवदास त्यागी है। दिगंबर अखाड़ा से जुड़े श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नामदेव त्यागी का इंदौर के अहिल्या नगर में भव्य आश्रम बना हुआ है। जहां वो रहते हैं। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा लैपटॉप, फेसबुक और हेलीकॉप्टर का शौक रखते हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से सफर और फेसबुक पर भक्तों से चैटिंग काफी पसंद हैं। बता दें कि बाबा को हेलिकॉप्टर से ज्यादा लगाव है।

14 किलो से अधिक का सोना पहनना पसंद करते हैं
ये बाबा अपनी कांवर यात्रा के लिए जाने जाते हैं। बाबा को सोना काफी पसंद है। इनके पास 21 सोने की चेन, 21 लॉकेट और एक गोल्ड जैकेट हैं। इनकी यात्रा में दर्जनभर से अधिक महंगी गाड़ियां चलती हैं। बाबा ना सिर्फ 14 किलो से भी अधिक का सोना पहनना पसंद करते हैं, बल्कि उनके पास 27 लाख की घड़ी, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी कई कारें भी हैं। इन्हें गोल्डन बाबा कहा जाता है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कंप्यूटर बाबा के खिलाफ कई केस भी दर्ज हैं।

ऐसे बने कंप्यूटर बाबा
एक महंत ने उनके कंप्यूटर बाबा के नाम का भी खुलासा किया है। उनका कहना है कि बाबा को तेज दिमाग, स्मार्ट वर्किंग और कार्यशैली के कारण यह नाम मिला है। 1998 के आसपास कम्प्यूटर का युग शुरु हुआ और एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ साधु-संतों ने नामदेवदास महाराज की तेज कार्यशैली को देखते हुए उनका नाम कम्प्यूटर बाबा रखा। स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा के बारे में कहा जाता है कि उनका दिमाग और याद रखने की क्षमता काफी तेज है। यही वजह है कि उन्हें लोग कंप्यूटर बाबा के नाम से जानते हैं।












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