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बेंगलुरु में आज रात से हो रहा सख्‍त लॉकडाउन, 5 लाख लोग शहर छोड़ के भागे, जानिए क्यों

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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और उसके जुड़े शहरी और ग्रामीण जिलों में मंगलवार रात 8 बजे से एक सप्‍ताह का सख्‍त लॉकडाउन लागू किया गया है। प्रदेश सरकार की इस घोषणा के बाद से पिछले तीन दिनों में लगभग पांच लाख निवासी बेंगुलुरु छोड़कर अपने गांवों को जा चुके हैं। इनमें से बड़ा तबका समाज के निचले तबके का हैं। सख्‍त लॉकडाउन के कारण इनके पास रोजगार नहीं हैं इसलिए ये लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं।

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प्रदेश सरकार जो कि पहले बार-बार लोगों को अधिक लॉकडाउन न करने का आश्‍वासन दे रही थी लेकिन अचानक से एक सप्‍ताह का सख्‍त लॉकडाउन किए जाने के कारण बेंगलुरु निवासियों में हडकंप मच गया है। सख्‍त लॉकडाउन के निर्णय से उद्योगों, व्यवसायों, प्रवासी श्रमिकों, गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ा झटका लगा है, जिससे लोगों को वापस जाना पड़ रहा है।
अचानक लॉकडाउन से कारोबार को लगा बड़ा झटका

अचानक लॉकडाउन से कारोबार को लगा बड़ा झटका

बता दें ये वहीं बेंगलुरु हैं जिसने तीन माह में कोरोनोवायरस संकट से निपटने के लिए येदियुरप्पा सरकार को चौतरफा प्रशंसा दिलाई थी और वे ही थे जो फैक्‍ट्री समेत अन्‍य रोजगार से संबधित निकाय खोलने पर पैरवी की थी। बता दें अप्रैल और मई में 100 करोड़ रुपये से कम की तुलना में, जून में कर्नाटक के जीएसटी संग्रह ने 7,000 करोड़ रुपये को पार कर लिया था, जो व्यापार में भारी सुधार का संकेत था। बेंगलुरु में बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए दूसरे दौर में की लॉकडाउन के अचानक फैसले से उन कारोबारी प्रतिष्ठानों को झटका लगा है, जो धीमी रिकवरी की उम्मीद कर रहे थे। मालूम हो कि कर्नाटक में कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं. शनिवार को 2798 नए केस सामने आए और 70 लोगों की मौत हुई। बेंगलुरु अर्बन में 1533 नए मामले सामने आए हैं।

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    22 जुलाई सुबह 5 बजे तक रहेगा सख्‍त लॉकडाउन

    22 जुलाई सुबह 5 बजे तक रहेगा सख्‍त लॉकडाउन

    मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने ट्वीट किया कि कोरोना के मामलों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए विशेषज्ञों के सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार ने बेंगलुरु में लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है. लॉकडाउन 7 दिन का होगा, जो 14 जुलाई को रात 8 बजे शुरू होगा और 22 जुलाई की सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा। सीएम ने कहा कि दूध, सब्जी, फलों, दवा और किराने के सामान सहित सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। मैं लोगों से सरकार के साथ सहयोग करने,सभी एहतियाती कदम उठाने और महामारी को रोकने में मदद करने की अपील करता हूं।

    लॉकडाउन शेष उद्योगों को बंद करने के लिए मजबूर कर सकता है

    लॉकडाउन शेष उद्योगों को बंद करने के लिए मजबूर कर सकता है

    राज्य के शीर्ष व्यापार मंडल, फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FKCCI) ने इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए खुले तौर पर इस कदम की आलोचना की है। एफकेसीसीआई के अध्यक्ष सीआर जनार्दन ने येदियुरप्पा सरकार पर एक बयान में तालाबंदी के कारण अर्थव्यवस्था के अत्‍यधिक पतन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वायरस संक्रमितों की संख्‍या बढ़ने के लिए उद्योग या व्यवसाय जिम्मेदार नहीं हैं और 20 प्रतिशत से अधिक उद्योगों ने पहले ही स्थायी रूप अपना करोबार बंद कर दिया है। ये "लॉकडाउन शेष उद्योगों को बंद करने के लिए मजबूर कर सकता है। पहले ही लाखों लोग नौकरी गंवा चुके हैं। कई संपन्न व्यवसाय पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। नया लॉकडाउन स्थिति को और खराब कर देगा।

    ये लोग बेंगलुरु न लौटने की कसम खाकर जा रहे वापस

    ये लोग बेंगलुरु न लौटने की कसम खाकर जा रहे वापस

    बेंगलुरु के बिल्‍डर ने कहा कि राज्य सरकार के आश्वासन पर जो प्रवासी कामगार वापस आ गए थे, वे भी प्रशासन से नाराज हैं। जो लोग मई और जून में वापस आए थे वो इस सख्‍त लॉकडाउन में घर लौटते समय ये कसम खाकर जा रहे है वो दोबारा लौटकर बेंगलुरु नहीं आएंगे । सरकार की विसंगतियों ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है । उन्‍होंने कहा बड़ी मुश्किल से हम अपने वर्करों को वापस बुलाने में कामयाब हुए थे लेकिन अब सख्‍त लॉकडाउन के कारण वो दोबारा वापस भाग रहे हैं।

    ये लोग कह रहे प्रदेश सरकार ने हमें धोखा दिया

    ये लोग कह रहे प्रदेश सरकार ने हमें धोखा दिया

    बता दें घर में काम करने वाले कर्मचारी, फेरीवाले, कैब और ऑटो चालक, छोटे भोजनालय, सैलून के मालिक आदि भी तालाबंदी को फिर से लागू करने के लिए सरकार पर हमला कर रहे हैं। चित्रदुर्ग जिले के अपने गाँव के लिए रवाना हुए रवीन्द्र ने कहा, "मैंने अपनी नौकरी लॉकडाउन के कारण खो दी है। सरकार ने सख्‍त तालाबंदी को फिर से लागू करके हमें धोखा दिया है और हमारे भरोसे को तोड़ा है। उसने कहा इस सख्‍त लॉकडाउन से केवल हम गरीब प्रभावित होते हैं।

    प्रदेश सरकार के सख्‍त लॉकडाउन के फैसले पर लग रहा ये आरोप

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    बता दें कर्नाटक में अचानक कोरोना को प्रकोप बढ़ने के कारण युदियुरप्‍पा सरकार चारों ओर से घिरी हुई है। बेंगलुरु में कोरोनो मरीजों को न ही इलाज मिल रहा और न ही पर्याप्‍त टेस्‍ट की सुविधाएं जिसको लेकर आम से लेकर खास लोग प्रदेश सरकार पर हमला बोल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार येदियुरप्‍पा अपनी सीएम कुर्सी को बचाने के लिए ये अचानक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। उन्‍हें डर है कि कोरोना मामलों में अत्‍यधिक वृद्धि के कारण उनकी कुर्सी खतरें में आ सकती हैं इसलिए सरकार ने ये अचानक सख्‍त लॉकडाउन का फैसला लिया है।

    कनार्टक के इन क्षेत्रों में भी 15 से 23 तक लगाया गया लॉकडाउन

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    कर्नाटक के यादगिर जिला उपायुक्त कुर्मा राव एम ने भी यादगिर जिले में एक सप्ताह के लिए तालाबंदी का आदेश देते हैं, जो 15 जुलाई से शुरू होगा। दक्षिण कन्‍नड़ा के उपायुक्‍त ने बताया कि दक्षिणा कन्नड़ जिले में 15 जुलाई की रात 8 बजे से 23 जुलाई 2020 की सुबह 5 बजे तक सख्‍त लॉकडाउन रहेगा।

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    English summary
    Complete lockdown in Bangalore tonight, 5 lakh people left the city, know why
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