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Col Viplav Tripathi:संविधान सभा के सदस्य थे दादा और भाई भी हैं आर्मी अफसर, इस देशभक्त जांबाज को जानिए

रायगढ़, 14 नवंबर: उत्तर-पूर्व भारत में उग्रवाद ने एक बार फिर से जो भयानक दस्तक दी है, उसने सात जिंदगियां ही नहीं तबाह की हैं, एक परिवार तो पूरी तरह से उजड़ गया है। ये परिवार है कर्नल विप्लव त्रिपाठी का जो 46,असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे। उग्रवादी हमले में वे खुद तो वीरगति को प्राप्त हुए ही हैं, उनकी पत्नी और एक मासूम बेटे की भी मौत हो गई है। इस हमले में असम राइफल्स के चार और जवानों ने कुर्बानियां दी हैं। जांबाज कर्नल विप्लव त्रिपाठी में देशभक्ति की भावना उनके दादा की वजह से पैदा हुई थी, जिनके साथ बचपन में वह एक बार राष्ट्रपति भवन भी हो आए थे।

विरासत में मिली थी देशभक्ति की भावना

विरासत में मिली थी देशभक्ति की भावना

मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए असम राइफ्ल्स के कर्नल विप्लव त्रिपाठी को देशभक्ति की शिक्षा विरासत में मिली थी। उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और संविधान सभा के सदस्य भी रह चुके थे। शहीद कर्नल के मामा राजेश पटनायक ने कहा है कि वे अपने दादा किशोरी मोहन त्रिपाठी से प्रेरित थे, जिनका निधन 1994 में हुआ था, तब विप्लव सिर्फ 14 साल के थे। मणिपुर में शनिवार को हुए उग्रवादी हमले में कर्नल त्रिपाठी के अलावा उनकी पत्नी अनूजा त्रिपाठी (36 साल) और बेटे अबीर त्रिपाठी (6 साल) की भी मौत हुई है, इसके अलावा असम राइफल के चार जवानों की भी शहादत हुई है।

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    बचपन में दादा के साथ राष्ट्रपति भवन गए थे

    बचपन में दादा के साथ राष्ट्रपति भवन गए थे

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विप्लव त्रिपाठी मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले थे, लेकिन अब उनका परिवार छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बस चुका है। उनके मामा पटनायक ने कहा है कि 'विप्लव एक महान स्वतंत्रता सेनानी अपने दादा से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लक्ष्य के साथ भारतीय सेना में शामिल हुए थे। उनके पिता जो कि एक वरिष्ठ पत्रकार हैं और उनकी मां जो सोशल ऐक्टिविस्ट हैं, उन्होंने भी उन्हें काफी प्रोत्साहित किया। उन्होंने देश सेवा करते हुए अपने जीवन को न्योछावर कर दिया है। हमें उनपर गर्व है।' उन्होंने बताया है कि कर्नल विप्लव अपने दादा के इतने प्यारे थे कि जब ज्ञानी जैल सिंह देश के राष्ट्रपति थे, तब उनके साथ वे राष्ट्रपति भवन भी गए थे।

    रीवा सैनिक स्कूल के छात्र थे कर्नल त्रिपाठी

    रीवा सैनिक स्कूल के छात्र थे कर्नल त्रिपाठी

    30 मई, 1980 को जन्मे विप्लव त्रिपाठी की पांचवीं तक की शिक्षा रायगढ़ के एक स्कूल में हुई और उसके बाद वे रीवा, मध्य प्रदेश के सैनिक स्कूल में पढ़ने चले गए। उनके पिता सुभाष त्रिपाठी (76 साल) एक वरिष्ठ पत्रकार हैं और स्थानीय हिंदी अखबार के संपादक हैं और उनकी मां आशा त्रिपाठी लाइब्रेरियन थीं और रिटायर हो चुकी हैं। उनके मामा ने कहा है कि स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका दाखिला महाराष्ट्र के खडकवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकैडमी (एनडीए) में हुआ और फिर वे देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकैडमी (आईएमए) पहुंचे।

    छोटे भी अनय त्रिपाठी लेफ्टिनेंट कर्नल हैं

    छोटे भी अनय त्रिपाठी लेफ्टिनेंट कर्नल हैं

    2001 में वे रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त हुए। फिर वेलिंगटन से उन्होंने डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) से कमांड कोर्स पास किया। विप्लव के छोटे भाई अनय त्रिपाठी ने भी सैनिक स्कूल रीवा से पढ़ाई की है और वह शिलॉन्ग में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं। उनके मामा का कहना है कि 'अनय शुक्रवार रात को ही रायगढ़ आए थे, जहां उनके सहयोगियों ने उनके भाई के साथ हुई घटना का समाचार दिया।' पूरे त्रिपाठी परिवार ने इस साल दिवाली मणिपुर में ही मनाई थी। उनके माता-पिता 6 नवंबर को ही वहां से वापस रायगढ़ लौटे हैं।

    46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे।

    46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे।

    शनिवार को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में हुए इस हमले के लिए उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के आतंकियों को जिम्मेदार माना जा रहाहै। यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई थी। कर्नल विप्लव त्रिपाठी 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे। राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर ईटी से कहा है कि 'आतंकियों ने पहले एक आईईडी धमाका किया और फिर क्विक रेस्पॉन्स टीम पर बुलेट दागे।' यह हमला तब हुआ जब कर्नल त्रिपाठी म्यामांर से सटे चुराचांदपुर में एक सिविक ऐक्शन प्रोग्राम का मुआयना करने जा रहे थे। सेहकेन गांव जहां पर यह वारदात हुई वह म्यामांर से बिल्कुल सटा हुआ है।

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