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Coimbatore Car blast: फिदायीन 'शैली' के धमाके के पीछे की असल वजह क्या है ? अबतक की पूरी बात

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Coimbatore Car blast latest news: कोयंबटूर में हुआ कार बम धमाका आत्मघाती हमला था या सिलेंडर धमाका, इसकी सच्चाई ठीक से जांच पूरी होने पर ही आएगी। बहरहाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस घटना की जांच आखिरकार नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज ही दी है। जिस तरह से इस धमाके के तार 1998 में हुए कोयंबटूर में हुए भयानक विस्फोट से जुड़ गए थे, उसके बाद राज्य सरकार पर इस मामले में अबतक अपनाए गए रवैए पर सवाल उठ रहे थे। आइए जानते हैं कि इस मामले में अबतक क्या हुआ है?

कोयंबटूर कार धमाका कब हुआ

कोयंबटूर कार धमाका कब हुआ

कोयंबटूर में 23 अक्टूबर के तड़के एक मारूति कार में धमाका हुआ, जिससे उसके परखच्चे उड़ गए। घटना तब हुई जब कार एक मंदिर के आगे से गुजर रही थी। धमाके में जेमिशा मुबीन नाम के एक व्यक्ति का शव मिला। शुरू में तमिलनाडु पुलिस ने यही बताने की कोशिश की कि धमाका सिलेंडर ब्लास्ट था। तमिलनाडु पुलिस की पड़ताल में 25 वर्षीय मुबीन के बारे में पता चला कि वह कोयंबटूर के ही कोट्टायमेडु का रहने वाला है। थोड़ी और जांच हुई तो पता चला कि जेमिशा मुबीन से अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस से कथित संबंधों के चलते नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) 2019 में पूछताछ भी कर चुकी थी। लेकिन, कोई केस नहीं दाखिल हुआ था। लेकिन, जब मुबीन का बैकग्राउंड सामने आया तो धमाके को लेकर दो बातें सामने आईं। पहला, बम गलती से फट गया। दूसरा, विस्फोटक ले जा रही कार काफी स्पीड में एक स्पीड ब्रेकर की ऊपर उछल पड़ी।

कोयंबटूर धमाके और उसकी जांच से जुड़े कुछ अहम तथ्य

कोयंबटूर धमाके और उसकी जांच से जुड़े कुछ अहम तथ्य

कोयंबटूर कार बम धमाके में जांच आगे बढ़ने और सबूतों और संदिग्धों के तार जुड़ते जाने के बाद आतंकवाद-रोधी कानून यूएपीए की धाराएं जोड़नी पड़ी। यह कदम तब उठाया गया है, जब आरोपियों के घरों से विस्फोटक बनाने वाले 75 किलो कच्चा माल बरामद हुआ। यह कच्चा माल जेमिशा मुबीन के घर से भी बरामद किया गया। तमिलनाडु के डीजीपी सैलेंद्र बाबू ने बयान दिया था कि मुबीन के घर से पोटैशियम एल्युमिनियम, सल्फर जैसे केमिकल मिले हैं, जिसका इस्तेमाल क्रूड बम बनाने में किया जाता है। उनके मुताबिक धमाके वाली जगह से कील और बॉल बेयरिंग भी मिले थे। लेकिन, उनके मुताबिक वह किसी संगठन से नहीं जुड़ा था। हालांकि, उसके कुछ ऐसे लोगों से संपर्क थे, जो एनआईए के रडार पर हैं ये बात उन्होंने मानी थी। 'हमने सिलेंडर और कार का सोर्स मालूम कर लिया है। यह आत्मघाती हमला नहीं हो सकता। धमाका तब हुआ जब कील और बॉल बेयरिंग कार में थे। केमिकल उसके घर में था। हम उसकी कॉल हिस्ट्री जांच रहे हैं और उनसे पूछताछ कर रहे हैं, जो उसके संपर्क में थे। 'हालांकि, उन्होंने एनआईए जांच की जरूरत से इनकार किया था। लेकिन, डीजीपी के इस बयान पर सवाल उठाए जा रहे थे कि उन्होंने तत्काल आत्मघाती हमले की आशंका कैसे खारिज कर दी। यही नहीं पुलिस लगातार दावा करती रही कि यह सिलेंडर धमाका था।

प्रदेश भाजपा के आरोप

प्रदेश भाजपा के आरोप

तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष अन्नामलाई ने कोयंबटूर धमाके पर साफ आरोप लगाया था कि यह स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला है और पुलिस तथ्यों को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने बयान दिया कि, 'कोयंबटूर सिलेंडर धमाका अब 'सिलेंडर ब्लास्ट' नहीं है। यह स्पष्ट रूप से आईएसआईएस लिंक से हुई आतंकवादी वारदात है।' उनके मुताबिक 'तमिलनाडु पुलिस तथ्य छिपा रही है। यह इंटेलीजेंसी और डीएमके सरकार की नाकामी है। हमले की योजना के दौरान मारा गए आरोपी के तार आईएसआईएस से जुड़े थे और उसे देश के बाहर से संचालित किया जा रहा था।'

पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी और 1998 की आतंकी धमाके से जुड़े तारे

पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी और 1998 की आतंकी धमाके से जुड़े तारे

तमिलनाडु सरकार के खिलाफ बीजेपी के मोर्चा खोलने के बाद पुलिस ने पांच युवाओं को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान मोहम्मद तल्हा, मोहम्मद अजहरुद्दीन, मोहम्मद रियाज, फिरोज इस्माइल और मोहम्मद नवाज इस्माइल के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि कार में विस्फोटक कैसे रखा गया। सीसीटीवी फुटेज में मुबीन को मोम्मद रियाज, फिरोज इस्माइल और मोहम्मद नवाज इस्माइल की मदद से विस्फोटक ढोते हुए देखे जाने की बात कही जा रही है। पुलिस कमिश्नर बालाकृष्णन के मुताबिक एक संदिग्ध आरोपी फिरोज इस्माइल अल-उम्मा का आतंकी एसए बाशा का नजदीकी रिश्तेदार है। बाशा 1998 के कोयंबटूर ब्लास्ट के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है, जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस खुलासे से कार धमाके आतंकी घटना का संदेह और पुख्ता हो गया।

एनआईए जांच के लिए बढ़ता जा रहा था दबाव

एनआईए जांच के लिए बढ़ता जा रहा था दबाव

वैसे इंडियन नेशनल तवाहिद जमात और तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम ने इस घटना की जांच को अलग रंग देना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने बयानों में कहा कि पूछताछ और गिरफ्तारी के नाम पर किसी भी मुसलमान को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। आम जनता में इस घटना की जांच एनआईए से करवाने को लेकर समर्थन देखा गया था। वैसे यूएपीए की धाराएं लगने का मतलब था कि आखिरकार एनआईए ही अब इस धमाके की जांच अब तमिलनाडु पुलिस से अपने हाथों में ले लेगी। इस धमाके के सिलसले में मुबीन के सहयोगियों से भी पूछताछ चल रही है।

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कोयंबटूर में हुआ था फिदायीन धमाका ?

कोयंबटूर में हुआ था फिदायीन धमाका ?

कोयंबटूर कार धमाकों के पीछे बड़ी साजिश की आशंका गहराने के पीछे कुछ बहुत बड़ी वजहें हैं। यह घटना पीएफआई पर पाबंदी लगाने के कुछ समय बाद ही हुई है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि धमाके में मारे गए संदिग्ध के वॉट्सऐप स्टैटस से संकेत मिलता है कि जेमिशा मुबीन (फिदायीन हमले का शक) को पता था कि वह मरने जा रहा है। जिस तरह से तमिलनाडु पुलिस ने शुरू से सिलेंडर धमाके की थ्योरी उछालना शुरू किया, उससे उसकी मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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English summary
Coimbatore Car blast:Tamil Nadu government handed over investigation to NIA. Suspicion of fidayeen blast is being expressed. There are strings attached to the Coimbatore blasts of 1998
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