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भारतीय नौसेना को मिलेंगी आठ नई एंटी-सबमरीन, कोचीन शिपयार्ड से 6311 करोड़ का करार

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने पब्लिक सेक्टर की शिपयार्ड कंपनी कोचीन शिपयार्ड से आठ एंटी-सबमरीन वाटर क्राफ्ट के लिए अनुबंध किया है। भारतीय नौसेना के लिए नयी एंटी सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट के लिए ये सौदा 6,311 करोड़ में हुआ है।

Cochin Shipyard defence ministry 6311 crore contract for 8 anti submarine shallow

रक्षा मंत्रालय ने एक दिन पहले शिपयार्ड कंपनी गार्डन रीच शिल्पबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) से आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स) बनाने की डील की है। जीआरएसई को भी 6311 करोड़ में ये ठेका दिया गया है। सौदे के तहत यह कंपनी नौ सेना को दुश्मन देश के समंरीन पर पानी के नीचे ही वार करने वाला युद्धपोत बनाकर देगी। इस सौदे के एक दिन बाद अब कोचीन शिपयार्ड से आठ युद्धपोत के लिए करार किया गया है। ऐसे में अब भारतीय नौसेना को 16 नये युद्धपोत मिलेंगे।

भारतीय नौसेना को मिलेंगें आठ पनडुब्बीरोधी युद्धपोत, GRSE को मिला ठेका

सोमवार को जीआरएसई और रक्षा मंत्रालय के बीच जो करार हुआ, उसके मुताबिक, करार पर हस्ताक्षर के 42 महीनों के भीतर पहले पोत की डिलीवरी करनी होगी। इसके बाद हर साल दो पोत की डिलीवरी करनी होगी। करार पर हस्ताक्षर के 84 महीने के भीतर परियोजना पूरी होगी।

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English summary
Cochin Shipyard defence ministry 6311 crore contract for 8 anti submarine shallow
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