• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कर्नाटक में बजट पर 'सरकार' में ही मचा घमासान, देवगौड़ा के बयान से सकते में कांग्रेस

By योगेंद्र कुमार
|

बेंगलुरु। कर्नाटक में गठबंधन सरकार चला रहे कांग्रेस-जेडीएस के बीच तनातनी खत्‍म होने का नाम ले रही है। शुरुआत में दोनों दल मंत्रालय और मंत्रियों की संख्‍या को लेकर आमने-सामने थे तो अब बजट को लेकर दोनों के बीच टकराव हो रहा है। खबर है कि कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता एचके पाटिल ने राज्‍य के सीएम कुमारस्‍वामी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्‍होंने कर्नाटक के सरकार के बजट को लेकर नाखुशी जाहिर की है। उनका आरोप है कि बजट में अल्‍पसंख्‍यकों को नजरअंदाज किया गया है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि कुमारस्‍वामी ने पेट्रोल-डीजल पर 2 प्रतिशत स्‍टेट टैक्‍स बढ़ाने का भी प्रस्‍ताव किया है, जिससे कांग्रेस नेतृत्‍व सकते में आ गया है। कांग्रेस चाहती है कि पेट्रोल-डीजल पर स्‍टेट टैक्‍स बढ़ाने का प्रस्‍ताव वापस लिया जाए। इन सब मुद्दों पर चल रही गहमा-गहमी के बीच जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा का भी बयान आया है। उन्‍होंने कहा कि उनके बेटे और राज्‍य सीएम कुमारस्‍वामी विधानसभा के पटल पर बजट से जुड़ी डिटेल उपलब्‍ध कराएंगे और जवाब भी देंगे। देवगौड़ा ने कहा कि कुमारस्‍वामी विधानसभा में जब भाषण देंगे तब सारे संशय दूर हो जाएंगे।

तो क्‍या कांग्रेस के साथ बंद कमरे में बात करने के मूड में नहीं जेडीएस

तो क्‍या कांग्रेस के साथ बंद कमरे में बात करने के मूड में नहीं जेडीएस

पूर्व प्रधानमंत्री एसडी देवगौड़ा का यह बयान एक प्रकार से कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ाने वाला है। एक ओर कांग्रेस बजट में पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स बढ़ाने और अल्‍पसंख्‍यकों को नजरअंदाज करने जैसे मुद्दों पर जेडीएस से बात करना चाहती है। दूसरी ओर देवगौड़ा कह रहे हैं कि कुमारस्‍वामी विधानसभा के पटल पर हर सवाल का जवाब देंगे। इससे ऐसा संकेत मिलता है कि जेडीएस बजट को लेकर कांग्रेस के साथ बंद कमरे में बात करने के मूड में नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर जेडीएस सरकार में अपनी सहयोगी कांग्रेस की चिंताओं को दूर कैसे करेगी?

आखिर क्‍या है कांग्रेस की चिंता

आखिर क्‍या है कांग्रेस की चिंता

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता एचके पाटिल ने कहा कि 2018 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हमारी जीत अल्‍पसंख्‍यकों के समर्थन के चलते मुमकिन हो सकी थी, लेकिन बजट में उनके लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। कुमारस्‍वामी को लिखे पत्र में पाटिल ने कहा कि सरकार को बजट में हुई भूल को सुधारना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर कर्नाटक के लोग कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के पहले बजट से खुश नहीं हैं। बजट में इस रीजन के विकास के लिए कोई प्‍लान नहीं है।

मोदी के लिए बुने जाल में खुद फंस गई कांग्रेस, अब कुमारस्‍वामी के फैसले को पलटने की तैयारी

पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का दिया हवाला

पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का दिया हवाला

पाटिल ने कुमारस्‍वामी को लिखे पत्र में पिछली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के फैसलों की याद भी दिलाई है। उन्‍होंने लिखा कि 1999-2004 कांग्रेस सरकार, 2004-2006 तक चली कांग्रेस-जेडीएस सरकार और 2013-2018 तक चली कांग्रेस सरकार ने उत्‍तर कर्नाटक के जिलों के लिए कई बड़े कदम उठाए थे। अच्‍छा होगा कि मौजूदा गठबंधन सरकार भी उत्‍तर कर्नाटक के विकास के लिए बड़े ऐलान करे।

कर्जमाफी के बाद पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स बढ़ाने का प्रस्‍ताव बना सिरदर्द

कर्जमाफी के बाद पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स बढ़ाने का प्रस्‍ताव बना सिरदर्द

कुमारस्‍वामी ने गुरुवार को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का पहला बजट पेश किया था। इसमें किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ करने का ऐलान किया गया। इस कर्जमाफी कुल खर्च करीब 34,000 करोड़ का बताया जा रहा है, इसकी भरपाई के लिए कुमारस्‍वामी ने बजट में पेट्रोल-डीजल पर 2 प्रतिशत स्‍टेट टैक्‍स बढ़ाने का भी प्रस्‍ताव कर दिया। इस फैसले को लेकर भी कांग्रेस-जेडीएस के बीच तलवार खिंच गई है। कांग्रेस टैक्‍स बढ़ाने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि जेडीएस ने बिना उससे सलाह-मशविरा किए टैक्‍स बढ़ाने का प्रस्‍ताव बजट में कर दिया।

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CM will reply in Assembly to Congress criticism of budget says HD Deve Gowda
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more