ट्विटर पर लड़ते-लड़ते फिर एक-दूसरे को Thank You क्यों कहने लगे CM हिमंत सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई
CM Himanta Biswa Sarma VS Gaurav Gogoi: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवादों में हैं। असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने दावा किया है कि रिनिकी भुइयां सरमा की फर्म को कथित तौर पर 10 करोड़ की सरकारी सब्सिडी मिली है।
हालांकि असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। इस बात को लेकर पिछले दो दिनों से हिमंत बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच सोशल मीडिया वॉर चल रहा है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर काफी पर्सनल और तीखे कमेंट किए।

हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर 'बेपरवाह बेटा' होने का आरोप लगाया, तो वहीं जवाब में, गोगोई ने अपने पिता तरुण गोगोई का वीडियो साझा कर, हिमंत को 'पीठ में छुरा घोंपने वाला' शख्स कहा। लेकिन अब दोनों नेताओं की तीखी बहस एक Thank You यानी धन्यवाद' के साथ खत्म हो गई है।
तरुण गोगो की मौत पर CM हिमंत का तंज
सांसद गौरव गोगोई द्वारा लगाए गए 10 करोड़ की सरकारी सब्सिडी वाले आरोपों का पहले तो सीएम हिमंत ने खंडन किया। फिर सब्सिडी के मुद्दे पर हंगामे के बीच सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स (ट्विटर का बदला हुआ नाम) पोस्ट पर कहा कि, कोरोना महामारी के चरम के दौरान, असम के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक को कोविड के बाद की जटिलताओं का अनुभव हुआ था। लेकिन उनके बेटे ने उन्हें दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया।
हालांकि हिमंत ने किसी नाम का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका संदर्भ पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और उनके बेटे गौरव गोगोई से था।
इस पोस्ट पर गौरव गोगोई ने जवाब देते हुए कहा कि, उन्हें असम की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर भरोसा था और इसीलिए वह अपने पिता को दिल्ली नहीं ले गए। गौरव ने लिखा, ''मैं असमिया डॉक्टरों, नर्सों, गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज के वार्ड स्टाफ का आभारी हूं। उन्होंने मेरे पिता को बेस्ट इलाज दिया और देखभाल की। जिन्होंने साहस के साथ पोस्ट कोविड जटिलताओं से लड़ाई लड़ी। मैं राज्य सरकार का भी आभारी हूं। लेकिन आप प्लीज, एक ब्रेक लें...आप एक एक मुख्यमंत्री हैं!"
तरुण गोगोई का 'पीठ पर छुरा घोंपने वाला' बयान
जैसे ही सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने तरुण गोगोई को बहस में घसीटा, गौरव ने अपने पिता का एक पुराना वीडियो साझा किया। जिसमें तरुण गोगोई ने हिमंत बिस्वा को पीठ में छुरा घोंपने वाला शख्स कहा है।
हिमंत ने पलटवार में कहा- 'मैंने जान जोखिम में डालकर तरुण गोगोई से मुलाकात की'
पीठ में छुरा घोंपने वाले वीडियो पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि, 'ये सब जानते हैं कि मैं आपके पिता की बातों से सहमत नहीं था। हमारे बीच असहमति थी और यह रिकॉर्ड में है। और आपके परिवार ने 2010 से मेरे साथ बहुत अन्याय किया है। हालांकि, दुर्भाग्यपूर्ण कोविड-19 अवधि के दौरान, मैंने अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल के अंदर उसने मुलाकात की थी। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें सबसे अच्छा इलाज मिले।'
दोनों ने आखिरी पोस्ट में कहा- धन्यवाद
गौरव के 'असमिया डॉक्टरों और नर्सों...' वाले पोस्ट पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जवाब देते हुए कहा, ''राज्य सरकार और चिकित्सा समुदाय के प्रति आपके आभार के लिए धन्यवाद। मैं उस समय स्वास्थ्य मंत्री था। तो एक बार फिर आपका धन्यवाद।''
गौरव ने भी अपने आखिरी पोस्ट में असम की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को स्वीकार करते हुए उन्हें याद दिलाया कि उस समय हिमंत स्वास्थ्य मंत्री थे।
गौरव गोगोई ने कहा, "धन्यवाद और आपका स्वागत है। मुझे नहीं पता कि आपने सबसे पहले इतना व्यक्तिगत दर्दनाक मुद्दा क्यों उठाया।"
इसके जवाब में सीएम हिमंत ने लिखा, 'उस मुद्दे को उठाना वाकई जरूरी था। वैसे भी मैंने आज असम विधानसभा में 90 मिनट बिताए, जहां मैंने एक विधेयक पेश किया और एक बयान दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दूं, मुझसे जुड़े किसी भी मुद्दे पर किसी ने कुछ भी नहीं बोला।'












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