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Miracle:कोलेस्ट्रॉल वाली दवा से सिर्फ 5 दिन में खत्म हुआ कोरोना, अमेरिका में वैज्ञानिकों का दावा

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नई दिल्ली- कोरोना वायरस के वैक्सीन आने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि रूस ने यह वैक्सीन तैयार भी कर ली है और वहां के पैसे वाले लोग उसका इस्तेमाल भी कर पा रहे हैं। लेकिन, इस दौरान अमेरिका में हुए एक रिसर्च के चमत्कारिक नतीजे आने के दावा किए जा रहे हैं। इस रिसर्च में पाया गया है कि कोलेस्ट्रॉल कम करने की सामान्य दवा से भी कोरोना मरीजों का इलाज हो सकता है और वो केवल 5 दिन में ही ठीक हो सकते हैं। जाहिर है कि इस रिसर्च के नतीजे बहुत ही उत्साहित करने वाले नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके अभी कुछ और क्लीनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।

कार्बोहाइड्रेट्स की बर्निंग प्रॉसेस रोक देता है वायरस

कार्बोहाइड्रेट्स की बर्निंग प्रॉसेस रोक देता है वायरस

अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर में दो शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के मरीजों के फेफड़ों में होने वाले परिवर्तन को लेकर अपना रिसर्च शुरू किया था। इस दौरान उन्हें पता चला कि कोरोना वायरस कार्बोहाइड्रेट्स के रेगुलर बर्निंग की प्रक्रिया को रोक देता है। इससे ये वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि असल में यही वजह है कि कोरोना मरीजों के फेफेड़े की कोशिशकाओं में बहुत ज्यादा चरबी जमा होने लगती है, जिससे वायरस को रिप्रोड्यूस करने में बहुत ज्यादा मदद मिलती है। इसके बाद रिसर्च में वायरस के अटैक से होने फेफड़े में होने वाले बदलावों की गुत्थी परत-दर-परत खुलती चली गई। असल में वैज्ञानिकों ने रिसर्च ही इस लक्ष्य के साथ शुरू किया था कि यह वायरस कैसे काम करता है और खासकर यह कैसे खुद का विस्तार करता है। क्योंकि, इसके बारे में जान लेने के बाद ही उसे कैसे रोका जा सकता है, इसपर मंथन शुरू कर सकते थे।

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    हाई रिस्क वाले मरीजों की भी गुत्थी सुलझी

    हाई रिस्क वाले मरीजों की भी गुत्थी सुलझी

    यरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर याकोव नहमियास और न्यूयॉर्क के इकाहन स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर बेंजामिन टेनओवर ने अपनी रिसर्च में कहा है कि कोरोना वायरस की वजह फेफड़े में चरबी बढ़ने की जानकारी मिलने से इस बात की भी जानकारी मिल जाती है कि हाई ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के मरीज कोविड-19 की बीमारी में हाई रिस्क श्रेणी में क्यों होते हैं। अब वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन की दिशा को इस ओर मोड़ा कि वैक्सीन के आने में अभी कुछ और समय लग सकता है। ऐसे में क्या कोई मौजूद दवा है, जो वायरस पर लगाम लगा सकती है। डेली मेर और मेडिकलएक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इन वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में पाया कि इसमें कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा Fenofibrate (Tricor) बहुत ही प्रभावी है। ये दोनों वैज्ञानिक पिछले तीन महीने से इस रिसर्च में लगे हुए थे।

    सिर्फ 5 दिन के इलाज में कोरोना वायरस खत्म

    सिर्फ 5 दिन के इलाज में कोरोना वायरस खत्म

    स्टडी के अनुसार कोलेस्ट्रॉल घटाने की दवा Fenofibrate (Tricor) कोरोना मरीजों के लिए इस तरह से कारगर है कि इससे फेफड़े की कोशिकाओं में मौजूद चरबी खत्म होने लगती है, जिससे इन कोशिकाओं पर वायरस का कंट्रोल खत्म होने लगता है और फिर उसके रिप्रोड्यूस करने की क्षमता भी घटने लगती है। रिसर्च का परिणाम यह रहा है कि सिर्फ 5 दिनों के इलाज में ही वायरस पूरी तरह से खत्म हो गया। ऐसे वक्त में जब कोरोना मरीजों की संख्या भयानक रूप से बढ़ रही है, यह स्टडी किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन, इसे प्रमाणित तौर पर शुरू करने के लिए अभी कुछ और क्लीनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।

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    English summary
    Cholesterol drug vanished coronavirus in just 5 days, scientists in US claim
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