चीनी प्रेसिडेंट का पाक दौरा,क्या खोया-पाया पाक ने
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की हालिया दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा को लेकर भारत में बहुत दिलचस्पी रही। विदेश मामलों के जानकार से लेकर विदेश मंत्रालय के आला अफसर चीनी राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा को फोलो कर रहे थे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मई में चीन के दौरे पर जा रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा पर बहुत से जानकारों ने अपने तरीके से विश्लेषण किया।

कमजोर पाक-मजबूत पाक
पेशे से टीचर बालाजी विश्वनाथन कहते हैं कि मौजूदा हालतों में भारत के लिए मजबूत पाकिस्तान से ज्यादा खतरा कमजोर पाकिस्तान से है। भारतीय सेना मुकाबला कर सकती है मजबूत पाकिस्तान का। पर कमजोर पाकिस्तान के कारण भारत को उसी तरह से नुकसान हो सकता है,जैसा अफगानिस्तान के कारण बहुत से देशों को हुआ। दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी उससे डील नहीं कर पाया सही तरह से। इसलिए भारत के हित है कि पाकिस्तान विकास करे।
सिर्फ चीन की चांदी
सूरज जयसवाल और प्रवीण रेड्डी का मत का चीन-पाकिस्तान के बीच हुए ताजा 25 बिलियन डालर के समझौते से सिर्फ चीन को ही लाभ होने वाला है। उसे ग्वादर पोर्ट मिल जाएगा। पर वहां पर निर्माण का काम सिर्फ चीनी कंपनियों को मिलेगा। किसी पाकिस्तानी कंपनी को नहीं मिलेगा। हां, ज्यादा से ज्यादा पाकिस्तानी कंपनियों को चीनी श्रमिकों को चाय पिलाने का काम मिल सकता है। हां, पाकिस्तान को गिलगिट से ब्लूचिस्तान तक की सड़क बनी मिल जाएगा।
पश्चिम एशिया में दबदबा
विशाल श्रीवास्तव कहते हैं कि चीन की ख्वाहिश है कि उसका पश्चिम एशिया में दबदबा कायम हो जाए। इससे उसे भारत पर दबाव बनाने का अवसर मिलेगा। चीन के लिए पाकिस्तान की हालत पालतू कुत्ते जैसी है। चीन उसका इस्तेमाल भारत को परेशान करने के लिए करता है।
चीन ने पाकिस्तान को हाल ही में पांच पनडुब्बियां भी दी थीं। चीन के राष्ट्रपित की हालिया यात्रा का सकारतामक पक्ष ये हो सकता है कि चीन पाकिस्तान में आतंकवाद को रोकने में उसकी मदद कर सकता है।












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