चाइना में निमोनिया के कहर के बीच ओडिशा भविष्य की महामारियों के लिए पब्लिक हेल्थ लैबों को मजबूत करने में जुटा
भारत के पड़ोसी देश चाइना में रहस्यमयी निमोनिया के केसों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। डब्लूएचओ की एक्स बीमारी की चेतावनी के बाद भारत के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग एलर्ट मूड में आ चुका है। वहीं चाइना में निमोनिया की लहर के बीच ओडिशा सरकार जूनोटिक बीमारियों पर एक प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सात पब्लिक लैब को मजबूत करने में जुट चुकी है। इन टैस्टिंग लैब से भविष्य की महामारियों पर कड़ी नजर रखने में सहायता मिलेगी।

बता दें डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी के बाद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एंथ्रेक्स, स्क्रब टाइफस, रेबीज, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, टीबी, निपाह, ब्रुसेलोसिस, ब्लास्टोमाइकोसिस, सिटाकोसिस, हिस्टोप्लाज्मोसिस, ट्राइकिनोसिस समेत कम से कम 20 जूनोटिक रोगों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालयल ने राजस्थान और ओडिशा को परियोजना 'वन हेल्थ' का संचालन करने के लिए कहा है, जिसमें ज़ूनोटिक के साथ-साथ सीमा पार रोगजनकों के महत्वपूर्ण जीवाणु, वायरल और परजीवी संक्रमणों की निगरानी करने का विजन शामिल है।
ये प्रोजेक्ट ये पब्लिक हेल्थ लैब को मजबूत करेगी और रोग एक्स नामक उभरती बीमारियों के प्रसार की निगरानी और समझ के लिए आवश्यक होने पर अतिरिक्त पद्धतियां विकसित करेगी। कोरोना वायरल की प्रजातियों की संख्या बढ़ रही है। यात्राओं के दौरान अन्य वजहों से दुनिया भर में नए संक्रामक एजेंटों के तेजी से फैलने की संभावना है,द इसलिए स्वास्थ मंत्रायलय हर तरह से स्वास्थ सुविधाएं तैयार रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। हालांकि बैक्टीरिया या वायरस के कारण हो सकता है जो फिलहाल अज्ञात है।












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