चीन ने उड़ाई बाइडेन की नींद, अमेरिका को पछाड़ बना सबसे अमीर देश, जानिए कितनी बढ़ी ड्रैगन की संपत्ति?
नई दिल्ली, वाशिंगटन, बीजिंग, 16 नवम्बर। सुपरपॉवर बनने की कोशिश में लगा चीन अब तक अमेरिका को हथियार और अंतरिक्ष में टक्कर दे ही रहा था लेकिन अब चीन ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन की नींद उड़ा देगा। चीन की संपत्ति पिछले दो दशक में इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि उसने दुनिया के सबसे अमीर देश अमेरिका को पीछे धकेलकर नंबर वन की कुर्सी हथिया ली है।

20 साल में तीन गुना बढ़ी दुनिया की संपत्ति
कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी एंड कंपनी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि सबसे अमीर देशों की लिस्ट में चीन पहले नंबर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दो दशकों में पूरी दुनिया की संपत्ति में तीन गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मैकिंजी एंड कंपनी ने दस देशों की बैलेंस शीट का अध्ययन किया है जो दुनिया की कुल आय का 60 प्रतिशत अपने पास रखते हैं।
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कुल संपत्ति में एक तिहाई हिस्सा चीन का
दुनिया की आय को लेकर किया गया ये अध्ययन ये बताता है कि 2000 में दुनिया की कुल संपत्ति 156 ट्रिलियन डॉलर थी जो 2020 में तीन गुना बढ़कर 514 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। इस बढ़त में एक तिहाई हिस्सा चीन का है। चीन की कुल संपत्ति में 2000 में 7 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 120 ट्रिलियन डॉलर हो गई।
ज्यूरिख में मैकिंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट में पार्टनर जान मिशक ने ब्लूमबर्ग टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि अब हम पहले से कहीं ज्यादा अमीर हैं।

20 साल में 113 ट्रिलियन डॉलर बढ़ी चीन की संपत्ति
पिछले 20 साल में चीन की संपत्ति में 113 ट्रिलयन डॉलर की बढ़त हुई है और यह अमेरिका को पछाड़कर सबसे अमीर देश बन गया है। वहीं इसी अवधि में अमेरिका की संपत्ति में 90 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। हालांकि प्रापर्टी की कीमतों में कमजोर वृद्धि के चलते अमेरिका अपने प्रतिद्वंद्वी से पिछड़ गया।
रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल चाहे पूंजीवादी अमेरिका हो या फिर साम्यवादी चीन, दोनों में ही जगह पर कुछ लोग ही संपत्ति पर कब्जा जमाकर बैठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों में दो तिहाई से अधिक संपत्ति का स्वामित्व 10 प्रतिशत अमीर परिवारों के पास बना हुआ है। धीरे-धीरे इसमें वृद्धि ही हो रही है।

दो तिहाई से ज्यादा रीयल एस्टेट में
रिपोर्ट आगे यह भी कहती है कि दुनिया भर कुल संपत्ति का 68 प्रतिशत यानि कि दो तिहाई से ज्यादा रीयल एस्टेट में लगा लगा हुआ है जबकि बाकी बुनियादी ढांचा, मशीनरी और उपकरण जैसी परिसंपत्तियों में रखा गया है। बौद्धिक संपदा और पेटेंट जैसी न नजर वाली संपत्ति भी इसका एक हिस्सा हैं।
यहां ये समझना जरूरी है कि वैश्विक संपत्ति की गिनती में वित्तीय संपत्तियों को ध्यान में नहीं रखा जाता है क्योंकि वे देनदारियों से प्रभावी रूप से ऑफसेट होते हैं।

दुनिया की संपत्ति बढ़ने के क्या हैं मायने?
मैकिंजी की रिपोर्ट में बढ़ती वैश्विक संपत्ति को लेकर चिंता जताई गई है। इसके नकारात्मक पक्ष की चर्चा करते हुए कहा गया है कि यह बढ़त संपत्ति की कीमतों में नहीं बल्कि ब्याज दरों में वृद्धि से प्रेरित है। मिशक ने कहा मुद्रास्फीति के ऊपर और उससे परे मूल्य वृद्धि के माध्यम से कुल संपत्ति कई मायनों में संदिग्ध है। यह सभी प्रकार के दुष्प्रभावों के साथ आता है।
जान मिशक ने ब्लूमबर्ग के साथ इंटरव्यू में कहा जिस तरह से वैश्विक कुल संपत्ति में वृद्धि हुई है वह चिंता की बात है। खासतौर पर जिस तरह से अचल संपत्ति की ऊंची कीमतों ने इसमें योगदान दिया है।" उन्होंने कहा, "मुद्रास्फीति से ऊपर और परे कीमतों में बढ़ोतरी के माध्यम से नेट वर्थ कई मायनों में संदिग्ध है। यह सभी प्रकार के दुष्प्रभावों के साथ आता है।"












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