इंटरनेट पर 'गंदी बात' की गिरफ्त में हैं आपके बच्चे: रिपोर्ट

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नयी दिल्ली। भारत में जितनी तेजी से इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रसार बढ़ रहा है उतनी ही तेजी से गंभीर खतरे भी जन्म ले रहे है। भारत में इस वक्त 17 करोड़ से ज़्यादा इंटरनेट यूज़र हैं। ये आंकड़े हर घंटे बढ़ रहे है। कंप्यूटर और मोबाइल के ज़रिए इंटरनेट तेजी हमारे घरों में घुस रहा है। लेकिन जितनी तेजी से ये अपने पैर पसार रहा है उतनी ही गंभीर समस्याएं भी अपने साथ ला रहा है।

यूनिसेफ के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में करीब 40 लाख ऐसे वेबसाइट हैं जहां पोर्नोग्राफी संबंधित साम्रगी मौजूद है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए आपके बच्चे पोर्नोग्राफी के शिकार होते जा रहे है। रिपोर्ट के मुताबिक 2 साल के बच्चे भी इस की गिरफ्त में कैद है। भारत में इंटरनेट सुरक्षा की मुहिम चला रही संस्था डेवलपिंग इंटरनेट सेफ कम्युनिटी के एक शोध के अनुसार भारत में किसी भी वक्त करीब 5000 लोग इंटरनेट पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्रियों के प्रसार का हिस्सा बन रहे हैं।

डीआईएससी के मुताबिक इंटरनेट पर बच्चे खास तौर पर खते में होते है। इंटरनेट पर इस तरह के खतरे से बचने के लिए डीआईएससी और सीएमएआई जैसी कुछ संस्थाएं, लोगों के बीच इंटरनेट पर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 11 फरवरी को ‘इंटरनेट सेफ्टी डे' मनाने की तैयारी कर रही है। इस संस्था के मुताबिक बच्चे अपनी उम्र की गलत जानकारी देकर सोशल मीडिया साइटों पर अपने अकाउंट खोलते है और गलत और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग के चंगुल में फंस जाते है। सर्वे के मुताबिक इस तर के मामलों में गलत प्रवृत्ति वाले लोग अपने तरीके से बातों में फुसलाकर उनका सही उम्र पता करने के बाद आसानी से बच्चों को शिकार बना लेते हैं। खास बात है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूज़र है और संस्था का मानना है कि इस तेज़ प्रसार का सीधा असर बाल यौन शोषण और पोर्नोग्राफ़ी के प्रयोग और प्रसार पर पड़ता है।

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