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POCSO Act में संशोधन पर क्‍या बोले कठुआ गैंगरेप पीड़िता के पिता

By Ankur Kumar Srivastava
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    नई दिल्‍ली। 12 साल तक के बच्चों से बलात्‍कार के दोषियों को फांसी की सजा होगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब सरकार जल्‍द ही अध्यादेश लेकर आएगी जिससे पॉक्‍सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) एक्‍ट में संशोधन किया जा सके। जानकारी के मुताबिक सरकार जम्मू-कश्मीर के कठुआ में नाबालिग से रेप के बाद देश में भड़के गुस्से के चलते यह अध्यादेश ला रही है। वहीं अब कठुआ गैंगरेप पीडि़ता के पिता ने मीडिया से बातचीत की है। उन्‍होंने कहा है कि ''हम साधारण लोग हैं। हमें इस निर्णय के महत्वपूर्ण पहलू पता नहीं है, लेकिन सरकार जो भी कर रही है वह अच्छा है। एक बच्चे के मामले में हिंदू-मुस्लिम नहीं होना चाहिए।''

    कठुआ के एसएसपी का ट्रांसफर

    कठुआ के एसएसपी का ट्रांसफर

    जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार ने कठुआ जिले के एसएसपी सुलेमान चौधरी का ट्रांसफर कर दिया है। श्रीधर पाटिल को उनकी जगह एसएसपी बनाया गया है। हालांकि अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि सुलेमान चौधरी का ट्रांसफर इस केस के संबंध में हुआ है या किसी विभागीय प्रक्रिया के तहत।

    कानून क्‍या कहता है

    कानून क्‍या कहता है

    • महिला से बलात्‍कार करने पर दोषी को सात से दस साल तक की कठोर कारावास की सजा जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है।
    • अगर पीड़िता की उम्र 16 साल से कम है तो दोषी को 10 से 20 साल तक की सजा जो उम्रकैद तक बढ़ाई जा सकती है।
    • उम्रकैद की सजा का मतलब जब तक वह शख्‍स जीवीत रहेगा तब तक जेल में ही रहेगा।
    • अगर 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंग रेप के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
    • 12 साल से कम उम्र की बच्‍ची के साथ रेप होने पर 20 साल से उम्रकैद तक की सजा और फांसी की सजा भी हो सकती है।
    • 12 साल से कम उम्र की बच्‍ची का रेप होता है तो दोषी को उम्रकैद से लेकर फांसी की सजा हो सकता है और ऐसे मामलों की जांच जल्‍द की जाएगी और ट्रायल भी तेजी से पूरा किया जाएगा।
    • सभी बलात्‍कार के मामलों की जांच दो महीने में पूरी हो जानी चाहिए। छह महीने में याचिका का निपटारा होना चाहिए।

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    अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं

    अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं

    16 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप या गैंगरेप के आरोपी के लिए अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं होगा। हाई कोर्ट और राज्यों से चर्चा के बाद नई फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। सभी थानों और अस्पतालों को रेप के मामलों के लिए स्पेशल फरेंसिक किट्स दिए जाएंगे।

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    English summary
    A child is a child there is no Hindu or Muslim in that, Father of Kathua rape victim on the ordinance to amend the POCSO Act.

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