5 महीने की बच्ची के गले में सपेरे ने डाल दिया सांप, डसने से हुई मौत

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 5 महीने की मासूम की अंधविश्वास के चक्कर में जान चली गई। दरअसल यह घटना सिंगदई वार्ड की है जहां पर मोहारा निवासी सपेरा बिल्लूराम मरकाम तमाशा दिखाने के लिए पहुंचा हुआ था। सपेरा के सवाल जवाब किए जाने के बाद उसको पता चला कि खुमांशी देवांगन कुछ दिन से बीमार चल रही है। आइए जानते हैं एक सपेरे के चक्कर में एक मासूम की जान कैसे चली गई।

दुख दूर करने का झांसा

दुख दूर करने का झांसा

इसके बाद सपेरा ने बच्ची के परिवार वालों से कहा कि अगर वो बच्ची के गले में सांप को डाल देगा तो उसके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। हालांकि परिजन ऐसा करने से मना करते रहे लेकिन सपेरे ने सांप को दांत नहीं होने का हवाला देते हुए उसके गले में डाल देता है। फिर क्या जैसे सांप गले में डाला उसने बच्ची को डस लिया और पूरी भीड़ खड़ी होकर तमाशा देखते रही है।

दो घंटे तक खुद किया झाड़-फूंक

दो घंटे तक खुद किया झाड़-फूंक

सांप के डसने के बाद जब बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी तो सपेरा खुद झाड़ फूंक करने लगा। लगभग दो घंटे तक वो बच्ची को रखकर उसका झाड़ फूंक करते रहा लेकिन बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसके बाद परिवार वालों ने बच्ची को लेकर राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले गए लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो गई थी। घटने के बाद गुस्साए लोगों ने सपेरे को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद बसंतपुर थाने की पुलिस ने बिल्लूराम को गिरफ्तार कर लिया।

अंधविश्वास बड़ी समस्या

अंधविश्वास बड़ी समस्या

बता दें कि छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास आज भी माना जाता है। इसकी वजह से वहां कई ऐसे केस सामने आते हैं जिसमें मासूम की जान चली जाती है। फिर भी लोग अंधविश्वास पर भरोसा करते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह स्थिति ज्यादा गंभीर है। ऐसे सपेरे जैसे लोग अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों से मोटी रकम भी लेते हैं और जान को भी खतरा पहुंचाते हैं।

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