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जस्टिस एसए बोबडे बोले- भारत में महिला चीफ जस्टिस बनने का वक्त आ गया है

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल: भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने गुरुवार (15 अप्रैल) को कहा कि देश को अपनी पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) बनाने का समय आ गया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सूर्यकांत की विशेष पीठ ने न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए ये बात कही है। जस्टिस एसए बोबडे ने एक बेंच का नेतृत्व करते हुए कहा कि सीजेआई का विचार है कि भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश होने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए "अब" समय आ गया है। जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर्ड हो जाएंगे। पीठ के अन्य न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सूर्यकांत ने जस्टिस एसए बोबडे की बात पर सहमति जताई है।

SA Bobde

जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि महिला वकील अक्सर घरेलू जिम्मेदारियों का हवाला देकर जज बनने से इनकार कर देती हैं। इसलिए अब महिला वकीलों के जज बनने का वक्त आ गया है। ताकी महिला वकील भी अब वरिष्ठता क्रम में प्रधान न्यायाधीश के पद तक पहुंच सकें।

जस्टिस एसए बोबडे की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट महिला वकील एसोसिएशन द्वारा हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए मेधावी महिला अधिवक्ताओं पर विचार करने के लिए एक याचिका पर सुनवाई की। न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी की कमी के बीच सुनवाई में आईं महिला वकील स्नेहा कलिता ने बताया कि उच्च न्यायालयों में 661 न्यायाधीशों में से केवल 73 महिलाएं थीं, जो कुल न्यायाधीशों की तुलना में महज 11.04 फीसदी है।

हाई कोर्ट में महिला जजों की नियुक्ति पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे ने कहा, ''केवल हाई कोर्ट में ही क्यों? भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश क्यों नहीं? क्यों नहीं अभी ये हो सकता है? कॉलेजियम हमेशा प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर चर्चा करता है।''

जस्टिस एसए बोबडे ने सुनवाई के दौरान महिला वकील स्नेहा कलिता से कहा, ''देश में ऐसे कई उदाहरण हैं जब महिला वकीलों ने अपने बच्चों की शिक्षा सहित विभिन्न घरेलू जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए जज बनने के प्रस्तावों को ठुकरा दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सभी के लिए सच है। महिला न्यायाधीश होने के बारे में हम आपसे पूरी तरह सहमत हैं। हमारे मन में महिलाओं के जज बनने को लेकर रुचि है। हम इसे बेहतरीन तरीके से लागू करना चाहते हैं। किसी भी परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। केवल हमें सक्षम उम्मीदवारों की आवश्यकता है।''

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English summary
Chief Justice of India SA Bobde Says The time has come for a woman CJI
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