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बांस और गोबर से अनूठी राखियां बना रहीं इस राज्य की महिलाएं, कोरोना योद्धाओं के कलाई की बढ़ाएंगी शोभा

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ने इस साल जनवरी से लेकर अब तक के सभी त्योंहारों का रंग फीका किया है। महामारी के चलते लोग कई त्योंहारों को नहीं मना पाए और वर्तमान में जो स्थिति है उसको देखते हुए ऐसा नहीं लगता की आने वाले कुछ महीनों में पहले की तरह उत्सवों को मनाया जा सकेगा। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार भी अब करीब है, ऐसे में महिलाएं सोच में पड़ गई हैं कि किस तरह वह महामारी के इस दौर में अपने भाई की कलाई में राखी बांध सकेंगी।

रक्षाबंधन त्योहार की तैयारियां शुरू

रक्षाबंधन त्योहार की तैयारियां शुरू

भारत में रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है, इस दौरान बाजार रंग-बिरंगी राखियों से पटे होते हैं। हालांकि इस बार की राखी पहले जिनती ग्रैंड तो नहीं होगी लेकिन इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। कोरोना वायरस से लड़ाई में हमारे फ्रंट लाइनर यानी कि देशभर के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसवालो के लिए भी महिलाएं स्पेशल राखी बना रही हैं जिसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई है।

मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने शेयर की फोटो

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कुछ महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट की हैं जो अपने हाथ से राखी बनाती दिखाई दे रही हैं। सीएम बघेल ने कैप्शन में लिखा, 'कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की कलाई पर इस वर्ष धमतरी के ग्राम छाती के मल्टी युटिलिटी सेंटर में महिला स्वसहायता समूहों के द्वारा तैयार की जा रहीं बांस और गोबर से निर्मित चित्ताकर्षक व मनमोहक राखियां सजेंगी। यह जीवनदान देने वालों को हम सबका सलाम और सम्मान है।'

बांस और गोबर से राखी तैयार कर रही महिलाएं

बांस और गोबर से राखी तैयार कर रही महिलाएं

दरअसल, 3 अगस्त, 2020 को आने वाले रक्षाबंधन के त्योहार के लिए धमतरी जिले के स्वसहायता समूहों की महिलाएं बांस और गोबर से राखी तैयार कर रही हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब बड़े पैमाने पर महिलाएं नवाचारी राखियां तैयार कर रही हैं जो कोरोना योद्धाओं को साथ-साथ अन्य युवकों की कलाई की शोभा भी बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिली सराहना के उपरांत उत्साहित महिलाएं बड़े पैमाने पर चार तरह की राखियां बना रही हैं, जिन्हें बाजार में 20 रूपए से 200 रूपए तक बेचा जाएगा।

यह भी पढ़ें: यूपीः बच्ची को मार कर जला दिया उसके बाद उसकी चिता की राख पर अर्द्धनग्न होकर लेट गया

English summary
Chhattisgarh women making rakhi with bamboo and cow dung specially for coronavirus warriors
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