विमानों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में छत्तीसगढ़ के छात्र को लिया हिरासत में, प्रभावित हुई कई उड़ानें
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 11वीं कक्षा के एक छात्र को चार उड़ानों में बम की धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह धमकियां 14 अक्टूबर को एक वित्तीय विवाद के चलते बदला लेने की नीयत से दी गई थी। आरोपी ने अपने दोस्त के खिलाफ इस साजिश को अंजाम देने के लिए X पर एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई और उसके नाम से धमकी भरे संदेश पोस्ट किए। इस घटना के कारण कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को प्रभावित किया गया।
विमानों उड़ानों पर पड़ा असर
बम की धमकियों के कारण न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को नई दिल्ली की ओर मोड़ना पड़ा और उसका समय भी बदलना पड़ा। इसके अलावा, मस्कट और जेद्दा जाने वाली इंडिगो की दो उड़ानों में भी काफी देरी हुई। क्योंकि सुरक्षा जांच के लिए इन विमानों को अलग रखा गया था।

बुधवार को एक और घटना में 180 से अधिक यात्रियों को लेकर बेंगलुरु जा रही अकासा एयर की फ्लाइट को भी बम की धमकी के बाद राष्ट्रीय राजधानी वापस लौटना पड़ा। इन घटनाओं के चलते विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और कई सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है।
व्यापक योजना का हिस्सा होने की आशंका
छात्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये धमकियां किसी व्यापक योजना का हिस्सा हैं। पिछले दो दिनों में लगभग एक दर्जन भारतीय उड़ानों को बम की धमकियां मिली हैं। जिनमें से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी थी। हालांकि किसी भी विमान में कोई हानिकारक सामग्री नहीं पाई गई।
सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय बैठक
इन घटनाओं के मद्देनजर, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, खुफिया ब्यूरो और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई। जिसमें मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई। बैठक में फर्जी बम धमकियों के दोषियों को नो-फ्लाई सूची में शामिल करने और सख्त दंडात्मक उपाय अपनाने पर चर्चा की गई।
संसद में उठा सुरक्षा का मुद्दा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों ने संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति को बम धमकियों की बढ़ती संख्या के बारे में सूचित किया। इस दौरान कई सांसदों ने इन धमकियों से यात्रियों में दहशत फैलने को लेकर चिंता व्यक्त की और मौजूदा निवारक उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार इन धमकियों के बीच यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी और सुरक्षा ढांचे में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
हाल की बम धमकियों की घटनाओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपायों की गहन समीक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं कि इस तरह की धोखाधड़ी के पीछे जो लोग हैं। उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ें। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और विमानन क्षेत्र में सुरक्षा विश्वास को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।












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