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Bilaspur Train Accident Reason: कैसे अचानक मालगाड़ी के ऊपर चढ़ी पैसेंजर ट्रेन? 7 मौतों का जिम्मेदार कौन?

Chhatisgarh Bilaspur Train Accident Reason: हावड़ा रूट पर एक दिल दहला देने वाला रेल हादसा मंगलवार (4 नवंबर 2025) दोपहर करीब 4 बजे बिलासपुर रेल डिवीजन के लालखदान क्षेत्र में हो गया। कोरबा-पैसेंजर मेमू ट्रेन (Korba-Passenger MEMU Train- नंबर 68262) और एक मालगाड़ी के बीच आमने-सामने की भयंकर टक्कर इतनी जोरदार थी कि पैसेंजर ट्रेन के 4 डिब्बे पटरी से उतर गए।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि 7 लोगों की लाशें निकाली जा चुकी हैं। अभी भी बोगी के अंदर दो लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी तखतपुर के यात्री देवकुमार धुरी ने बताया कि हादसे में 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। हालांकि, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

Chhatisgarh Bilaspur Train Accident Reason

घायलों को बिलासपुर के सदर अस्पताल और नजदीकी मेडिकल यूनिट्स में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर है। रेलवे प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है, लेकिन हादसे के कारण बिलासपुर-कटनी सेक्शन (Bilaspur-Katni Section) पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।

Korba-Passenger MEMU Train Accident: पटरी से उतरे डिब्बे, यात्रियों में अफरा-तफरी

यह हादसा हावड़ा रूट (Howrah Route) पर बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग के व्यस्ततम खंड पर हुआ, जो हावड़ा-मुंबई मुख्य लाइन (Howrah-Mumbai Train Route) का हिस्सा है। बिलासपुर रेलवे सीपीआरओ डॉ सुस्कर विपुल विलासराव ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन ने आगे चल रही मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारी। कोरबा से चल रही पैसेंजर ट्रेन में सैकड़ों यात्री सवार थे, ज्यादातर कोरबा, बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के सवार रहे। टक्कर के बाद इंजन और अगले 3-4 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे ओवरहेड इलेक्ट्रिकल वायरें और सिग्नल सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई- यात्री घायल अवस्था में इधर-उधर भागे, जबकि मलबे के नीचे कई फंस गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'ट्रेन अचानक झटके के साथ रुक गई। हमने सोचा ब्रेक है, लेकिन अगले ही पल जोरदार आवाज आई और सब उछल पड़े।'

मृतकों में ज्यादातर सामान्य श्रेणी के यात्री शामिल हैं, जिनकी पहचान प्रक्रिया जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर शोक जताया और कहा, 'रेलवे की पूरी टीम मौके पर है। घायलों का इलाज प्राथमिकता।' छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय (Chhattisgarh CM Vishnu Dev Sai) जिला प्रशासन को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

Chhatisgarh Bilaspur Train Accident Reason: कैसे चढ़ी पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी पर? सिग्नल फेलियर या मानवीय भूल?

प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण सिग्नलिंग सिस्टम (Signaling System) में खराबी या ड्राइवर की त्रुटि उभर रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी सिग्नल के ग्रीन होने पर आगे बढ़ी, लेकिन पैसेंजर ट्रेन को रेड सिग्नल मिला होने के बावजूद, लोको पायलट (Loco Pilot) स्पीड कम न करने से टक्कर हुई। एक सीनियर रेल अधिकारी ने बताया, 'ट्रैक पर ट्रिपल लाइन सेक्शन है, लेकिन सिग्नल ओवरलैपिंग की वजह से मालगाड़ी गलत ट्रैक पर आ गई। पैसेंजर ट्रेन की स्पीड 80 किमी/घंटा थी, जो टक्कर को घातक बना दिया।' हालांकि, सटीक वजह का पता लगाने के लिए CRS (कमीशनर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की टीम जांच कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स में सिग्नल फेलियर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि अन्य में लोकीपर की लापरवाही का शक है। रेलवे ने कहा, '24 घंटे में प्रीलिमिनरी रिपोर्ट आएगी।

Bilaspur Train Accident Rescue: रेस्क्यू और राहत

हादसे की सूचना मिलते ही बिलासपुर रेलवे डिवीजन ने NDRF, मेडिकल वैन और रेस्क्यू टीम तैनात कर दी। स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मलबा हटाने में मदद की। अब तक 4 की मौत की पुष्टि हो चुकी हैं, और घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल रेफर किया गया। हेल्पलाइन नंबर(Helpline Number): 139 (रेलवे), 1075 (डिजास्टर मैनेजमेंट)।

Korba-Passenger MEMU Train, Trains Diverted List: कौन-कौन से ट्रेनें डायवर्ट?

हादसे से बिलासपुर-कटनी रूट पर ट्रैफिक ठप। प्रभावित ट्रेनें:-

क्रमांक ट्रेन नंबर नाम स्टेटस
1
18477 पुरी-योगनागरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस डायवर्ट (बिलासपुर-गोंदिया-जबलपुर-कटनी)
2
12549 दुर्ग-उधामपुर एक्सप्रेस डायवर्ट (दुर्ग-गोंदिया-जबलपुर-कटनी)
3
18238
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-बिलासपुर एक्सप्रेस
रद्द
4
12807 समता एक्सप्रेस डायवर्ट

रेलवे ने वैकल्पिक बस सुविधा शुरू की है। बहाली में 12-24 घंटे लग सकते हैं।

Railways Announce Ex-Gratia: रेलवे ने अनुग्रह राशि की घोषणा की

  • मृतकों (हताहत) के परिजनों के लिए ₹10 लाख
  • गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹5 लाख
  • मामूली रूप से घायलों के लिए ₹1 लाख

Korba-Passenger MEMU Train Accident Responsible: जिम्मेदार कौन? सवाल उठे सेफ्टी सिस्टम पर

यह हादसा रेलवे की सेफ्टी पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम (कावच) की कमी या मेंटेनेंस नेत्री ने इसे बढ़ावा दिया। विपक्ष ने सरकार से हाई-लेवल जांच की मांग की। रेलवे बोर्ड ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों को 10 लाख मुआवजा और घायलों को 2 लाख मिलेंगे। यह घटना याद दिलाती है कि व्यस्त रूट्स पर सतर्कता कितनी जरूरी है। मृतकों को श्रद्धांजलि- ईश्वर परिवारों को शक्ति दे। अपडेट्स के लिए रेलवे ऐप चेक करें।

What Is Automatic Signalling System (KAVACH): ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम (कावच) क्या है? क्या हुआ फेल?

कवच यानी Automatic Signalling System भारतीय रेलवे की एक स्वदेशी सुरक्षा तकनीक है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि ट्रेनें किसी भी मानवीय गलती या तकनीकी खराबी के कारण आपस में न टकराएं। आसान शब्दों में कहें तो ये सिस्टम ट्रेन का सेफ्टी गार्ड है, जो जरूरत पड़ने पर खुद ही ट्रेन रोक देता है। जब भी कोई ड्राइवर लाल सिग्नल को पार करने की गलती कर देता है, तो कवच अपने आप ट्रेन की ब्रेकिंग सिस्टम को एक्टिवेट कर देता है। यानी ड्राइवर की एक छोटी-सी चूक भी बड़ी दुर्घटना में न बदल पाए। इसके अलावा, कवच ट्रेन के केबिन में ही सिग्नल और स्पीड की रियल-टाइम जानकारी दिखाता है ताकि लोको पायलट को हर पल अपडेट मिले।

(इनपुट- मीडिया सोर्स)

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