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Chandrayaan 2: नासा के मून ऑर्बिटर ने ली लैंडिंग साइट की नई तस्वीरें, की जा रही विक्रम की तलाश

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नई दिल्ली। चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का 7 सितंबर को चांद की सतह पर लैंडिंग से ठीक पहले संपर्क टूट गया था। इसके बाद, इसरो ने कई दिनों तक लैंडर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी थी। वहीं, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने पिछले महीने लैंडिंग साइट की तस्वीरें भी जारी करते हुए कहा था कि चंद्रयान-2 के लैंडर की 'हार्ड लैंडिंग' हुई थी, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के प्रयास के दौरान उसका संपर्क टूट गया था। इसके कई दिनों बाद एक बार फिर नासा के मून ऑर्बिटर ने लैंडिंग साइट की तस्वीरें ली हैं जहां विक्रम ने सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश की थी।

बेहतर रोशनी में ली गई तस्वीरों से जगी उम्मीद

बेहतर रोशनी में ली गई तस्वीरों से जगी उम्मीद

चांद की सतह पर लैंडिंग साइट की बेहतर रोशनी में ली गई तस्वीरों से चंद्रयान -2 के लैंडर की मौजूदगी को लेकर उम्मीद जग गई हैं। इसके पहले भी नासा ने लैंडिंग साइट की तस्वीरें जारी की थी, लेकिन लैंडर विक्रम के बारे में पता नहीं चल सका था। तब नासा के वैज्ञानिकों ने कहा था कि चांद पर रात हो चुकी है, इसके चलते ज्यादातर सतह पर केवल परछाई ही दिख रही है। ऐसे में हो सकता है लैंडर किसी परछाई में छिप गया हो।

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नई तस्वीरों का किया जा रहा अध्ययन

नई तस्वीरों का किया जा रहा अध्ययन

पिछले महीने सितंबर में, नासा के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की तस्वीरें तब ली थीं जब यह उस जगह से गुजर रहा था जहां विक्रम लैंडर की लैंडिंग हुई थी। नासा की तरफ से इसके बाद कहा गया था कि अक्टूबर में दक्षिणी ध्रुव से अंधेरा छंटने के बाद एक बार फिर अपने लूनर रिकॉनिस्सेंस ऑर्बिटर के कैमरे से विक्रम की लोकेशन जानने और उसकी तस्वीरें लेने की कोशिश करेगा। अब वे तस्वीरें नासा के मून ऑर्बिटर ने कैप्टर की हैं, जो पहले से बेहतर रोशनी में ली गई हैं, इस तस्वीरों का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है।

7 सितंबर को टूटा था लैंडर से संपर्क

7 सितंबर को टूटा था लैंडर से संपर्क

बता दें कि 7 सितंबर को इसरो के मिशन चंद्रयान-2 के तहत विक्रम लैंडर को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश की गई थी। लेकिन चांद की सतह से कुछ ही दूरी पर इसका इसरो से संपर्क टूट गया, जिसके चलते भारत चांद पर ऐतिहासिक छलांग लगाने से चंद कदम दूर रह गया था। इसके बाद से ही इसरो की टीम लगातार इसका अध्ययन कर रही है कि कहां पर चूक हुई जिसके कारण लैंडर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर सका और उसका संपर्क टूट गया।

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English summary
chandyayaan 2: nasa's moon orbiter takes news photos of vikram's landing site
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