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जगन मोहन को TDP का जवाब, नायडू का बंगला अवैध नहीं, वाईएसआर सरकार ने दी थी परमिशन

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अमरावती: तेलगुदेशम पार्टी(टीडीपी) ने शुक्रवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का कृष्णा नदी के तट पर बना बंगला अवैध नहीं है। उन्होंने आंध्र में हाल में बनी नई जगन सरकार के बंगला खाली करने के नोटिस के जवाब में ये बयान दिया। उन्होंने कहा कि टीडीपी प्रमुख के इस बंगले के निर्माण की परमिशन राज्य की वाईएस राजशेखर रेड्डी की सरकार ने दी थी। गौरतलब है कि वाईएस राजशेखर रेड्डी जगन मोहन रेड्डी के पिता हैं।

जगन के पिता ने सीएम रहते दी थी परमिशन

जगन के पिता ने सीएम रहते दी थी परमिशन

टीडीपी नेतृत्व ने आंध्र के सीएम जगन मोहन रेड्डी से पूछा कि क्या वो वह दुनिया को ये बताना चाहते हैं कि उनके पिता ने अवैध रूप से इसकी अनुमति दी थी। टीडीपी ने राज्य सरकार द्वारा नायडू के बंगले को ध्वस्त करने के तरीके की निंदा की। सीआरडीए के नोटिस के बाद चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ घर में मीटिंग की थी। पार्टी के नेताओं ने जगन की निंदा की और नायडू से आखिर तक लड़ने की बात कही। उन्होंने नायडू से कहा कि उन्हें तत्काल बंगला खाली करने की जरूरत नहीं है। ऐसा करने पर लोगों को ये लगेगा कि वो एक अवैध घर में रह रहे थे।

जगन मोहन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

जगन मोहन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

चंद्रबाबू नायडू के साथ बैठक के बाद पीडीपी के विधानसभा में उपनेता और पूर्व मंत्री के अत्चन्नायडू ने कहा कि नायडू और टीडीपी काडर को परेशान करने के लिए जगनमोहन रेड्डी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल के निर्माण की अनुमति 2007 में मिली थी, जब वाईएसआर की सरकार थी। 2008 में टीडीपी के सत्ता में आने से पहले ग्राम पंचायत ने भवन निर्माण की अनुमति दी थी। साल 2014 में नायडू के सत्ता में आने से पहले ये जमीन का सौदा हो गया था। उन्होंने पूछा कि सीआरडीए अधिनियम सीआरडीए के गठन से बहुत पहले सरकारी एजेंसियों द्वारा दी गई अनुमति पर कैसे लागू होगा। पूर्व मंत्री वाई रामकृष्णनायडू ने कहा कि अगर जगन को लगता है कि वाईएसआर शासन के दौरान उठाए गए सभी ढांचे अवैध थे, तो उन्हें इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

नायडू को मिला घर खाली करने का नोटिस

नायडू को मिला घर खाली करने का नोटिस

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले हफ्ते सीएम जगन ने प्रजा वेदिका को गिराने का आदेश दिया था। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए नदी संरक्षण अधिनियम, 1884 के मानदंडों का उल्लंघन बताया। इस अधिनियम के अंर्तगत नदी के 500 मीटर के भीतर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य विजयसाई रेड्डी ने बाद में कहा कि नायडू का निजी आवास भी अवैध है और नायडू को इसे भी खाली करने की आवश्यकता है।

प्रजा वेदिका को बुधवार को किया गया ध्वस्त

प्रजा वेदिका को बुधवार को किया गया ध्वस्त

चंद्रबाबू नायडू का वर्तमान निवास एक गेस्ट हाउस है जो उद्योगपति लिंगामनेनी (एयर कोस्टा ने चलाया) से किराए पर लिया गया है। यह प्रजा वेदिका के ठीक बगल में स्थित है, जिसे बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया था। कैबिनेट मंत्री बोट्सा सत्यनारायण ने पहले भी कहा था कि नायडू के आवास पर फोकस होगा। पार्टी ने आरोप है कि ये अवैध तरीके से बनाए गए हैं।

ये भी पढ़ें- नायडू को जगन ने दिया एक और झटका, प्रजा वेदिका बिल्डिंग गिराए जाने के बाद घर खाली करने को कहा

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English summary
chandrababu naidu bungalow not illegal,YSR govt gave permissions says tdp
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