चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद में नया मोड़, रिटर्निंग ऑफिसर का वीडियो हुआ वायरल, देखें क्या कर रहे हैं?
Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में चंडीगढ़ मेयर चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह को मतपत्रों पर हस्ताक्षर करते हुए दिख रहे हैं।
पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह जब मतपत्रों पर हस्ताक्षर कर रहे थे तो, हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरे में ये घटना कैद हो गई है। फुटेज में अनिल मसीह को सीसीटीवी कैमरे की ओर देखते हुए मतपत्रों पर टिक करते देखा गया है।

रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह का ये वीडियो आदमी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया गया है। आप ने वीडियो शेयर कर लिखा है, ''भाजपा के प्रशंसक को अब इस पर विश्वास करना चाहिए। इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है? देखिए कैसे भाजपा के पीठासीन अधिकारी ने खुलेआम वोट रद्द कर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा दी हैं। यह भाजपा की तानाशाही का जीता जागता सबूत है।''
ਹੁਣ ਤਾਂ ਮੰਨ ਜਾਓ @BJP4India ਵਾਲਿਓ!
ਇਸਤੋਂ ਵੱਡਾ ਸਬੂਤ ਹੋਰ ਕੀ ਹੋ ਸਕਦੈ। ਦੇਖੋ ਕਿਵੇਂ BJP ਦੇ Presiding Officer ਨੇ ਸ਼ਰੇਆਮ ਖ਼ੁਦ ਹੀ ਵੋਟਾਂ ਕੈਂਸਲ ਕਰਕੇ ਉਡਾਈਆਂ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੀਆਂ ਧੱਜੀਆਂ।
ਇਹ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਦਾ ਜਿਉਂਦਾ ਜਾਗਦਾ ਸਬੂਤ ਹੈ।#ChandigarhMayor pic.twitter.com/BIxIhrwRv6
— AAP Punjab (@AAPPunjab) February 5, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर क्या कहा था?
ये नया वीडियो सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर को फटकार लगाने के कुछ घंटों बाद सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की खंडपीठ का नेतृत्व करने वाले मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने 'हैरान' होकर कहा था कि, ''इस तरह से लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जाएगी और अगर अदालत चुनाव प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं होगी तो वह दोबारा चुनाव का आदेश देगी।''
रिटर्निंग ऑफिसर की स्थिति के बारे में पूछताछ करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त रूप से मतपत्रों और मतदान कार्यवाही के वीडियो फुटेज को संभाल कर रखने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रिटर्निंग ऑफिसर ने मतपत्रों से छेड़छाड़ की है
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में अनिल मसीह को पेश होने के लिए भी तलब किया है।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, "यह साफ है कि उसने (रिटर्निंग ऑफिसर) मतपत्रों से छेड़छाड़ की है। इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। देखिए, वह कैमरे की ओर क्यों देख रहा है? मिस्टर सॉलिसिटर (जनरल), यह लोकतंत्र का मजाक है और लोकतंत्र की हत्या है, हम हैरान हैं। क्या यह एक रिटर्निंग अधिकारी का व्यवहार है।''












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