जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार जम्मू और कश्मीर में चुनाव के लिए तैयार है। वहीं जम्मू -कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि, वहां की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कोई और विकल्प बचा ही नहीं था। राजनाथ सिंह लोकसभा में बयान देते हुए कहा कि राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई भी विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल जम्मू -कश्मीर में सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं था।

हमारी मंशा पर शक नहीं किया जाना चाहिए

हमारी मंशा पर शक नहीं किया जाना चाहिए

संसद में एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि, राज्यपाल ने सभी दलों से बात करके ही राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी है, क्योंकि कोई भी सरकार नहीं बनाना चाहता था। राजनाथ ने कहा कि हमारी मंशा पर शक नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा होता तो 6 माह के राज्यपाल शासन के दौरन बीजेपी वहां तोड़फोड़ करके सरकार बना लेती।

कश्मीर की समस्या बहुत पुरानी और गंभीर समस्या है

कश्मीर की समस्या बहुत पुरानी और गंभीर समस्या है

उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या बहुत पुरानी और गंभीर समस्या है, वह लोग हमसे अलग नहीं है, उनके हालात पर सभी को तकलीफ होती है।गृहमंत्री ने कहा कि हम सभी से समस्याओं को दूर करने के लिए बातचीत करने के लिए तैयार हैं। राज्य में चुनाव कराने के बारे में कुछ सदस्यों के सवाल का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि, चुनाव कराना चुनाव आयोग का काम है लेकिन हम चुनाव के लिये पूरी तरह से तैयार हैं। अगर इलेक्शन कमीशन चुनाव के लिए सुरक्षा मांगता है तो हम प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये पूरी तरह से तैयार है।

जमीनी स्तर पर हम वहां लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम कर रहे

जमीनी स्तर पर हम वहां लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम कर रहे

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के हालात सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और जमीनी स्तर पर हम वहां लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में भी कुछ इलाकों को छोड़कर वोट प्रतिशत बेहतर रहा है। बता दें कि, इससे पहले सदन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर में चर्चा के बगैर किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा जा सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन सीधे दिल्ली से चलता है और वहां जल्दी चुनाव कराकर सरकार का गठन किया जाना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि वहां के लोग मारे जा रहे हैं, यह चिंता वाली बात है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता है तो वहां के सभी विकास कार्य रुक जाएंगे और हालात बेकाबू होंगे।

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