सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए 5 सदस्यीय ओवरसाइट कमेटी का गठन, समिति का यह होगा काम
नई दिल्ली, 27 नवंबर: मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सेंट्रल विस्टा' से जुड़े सभी काम तय वक्त में पूरे हो इसके लिए केंद्र सरकार ने निगरानी के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है। सरकार की ओर से वित्त विभाग के पूर्व सचिव रतन पी. वाटल की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया गया है। जारी आदेश में मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने दो साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक 5 सदस्यीय सेंट्रल विस्टा ओवरसाइट कमेटी का गठन किया है।

दरअसल, सेंट्रल विस्टा के लिए केंद्र की तरफ से बनाई गई 5 लोगों की ओवरसाइट कमेटी मंत्रालयों के बीच तालमेल बनाने की काम करेगी। 5 सदस्यीय कमेटी इस यह सुनिश्चित करेगी कि विभिन्न प्रोजेक्ट का काम बिना किसी रूकावट के तय समय सीमा के अंदर पूरा हो सके। इसी के साथ कमेटी का काम निर्माण कार्यों के मानकों को बनाए रखना भी है।
Govt constitutes a 5-member Central Vista Oversight Committee for a period of two years or till further orders, whichever is earlier. pic.twitter.com/6ylyCLLs3y
— ANI (@ANI) November 27, 2021
कमेट बनाने के जारी आदेश के अनुसार निगरानी समिति वक्त-वक्त पर काम की गुणवत्ता और गति देखने के लिए निर्माणाधीन साइट का जायजा लेगी, इसके साथ ही नियमित रूप से मीटिंग करेगी और मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस कमेटी में डिप्टी कैग पीके तिवारी, एल एंड टी के पूर्व निदेशक शैलेन्द्र रॉय, आईआईटी दिल्ली की प्रोफेसर मौसम और मंत्रालय के संयुक्त सचिव को भी समिति में शामिल किया गया है।
जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का भारत आजादी की 75वीं वर्षगांठ की साल यानी अगले साल पूरा होने की उम्मीद है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट के जरिए संसद भवन और मंत्रालय के दफ्तरों सहित कई सरकारी भवनों को बनाया जा रहा है। 20,000 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट कि सितंबर साल में 2019 सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की घोषणा में की गई थी। पीएम मोदी ने दिसंबर 2020 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। वहीं समय-समय पर साइट का जायजा भी लिया।












Click it and Unblock the Notifications