Central Vista Construction:सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट के लिए कही ये बात
नई दिल्ली, 7 मई: दिल्ली में सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के विचाराधीन है और इसके निर्माण पर रोक लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली में कोविड-19 के कहर को देखते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी तरह के निर्माण कार्यों पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के वकील सिद्धार्थ लूथरा की ओर से सर्वोच्च अदालत में दलील दी गई कि ,'निर्माण का काम आवश्यक गतिविधि कैसे हो सकता है? हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति में हम वर्करों और उनके परिवार वालों की जान को जोखिम में नहीं डाल सकते और ना ही स्वास्थ्य सेवाओं पर ही और ज्यादा दबाव डाल सकते हैं।' लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह इस याचिका को देखे और इसपर आदेश पारित करे।
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सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने की मांग को झटका
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील की दलील थी कि 'हम इस समय मानवीय संकट से गुजर रहे हैं। अगर निर्माण की गतिविधियों को 3 से 4 हफ्ते भी टाल दिया जाए तो इससे फिलहाल बड़ी राहत मिलेगी।' उन्होंने कहा कि 'क्योंकि यह पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से जुड़ा मामला है, इसलिए दिल्ली हाई कोर्ट इसपर 10 मई को सुनवाई करे।' इसपर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से याचिका पर विचार करके आदेश पारित करने का अनुरोध किया। अदालत ने यह भी कहा कि लूथरा के मुताबिक इस मामले पर बहुत जल्द सुनवाई की जरूरत है, जिसपर अन्या मल्होत्रा की ओर से स्पेशल लीव पिटीशन दायर की गई है।
केंद्र सरकार ने किया याचिका का विरोध
हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का यह कहकर विरोध किया कि यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। बता दें कि याचिकाकर्ता ने यही याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में भी दाखिल कर रखी है, जिसपर 17 मई को सुनवाई होनी है। लेकिन, इसपर जल्द सुनवाई के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विनीत सरन और दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने यहकर याचिका खारिज कर दी कि यह हाई कोर्ट के पास लंबित है। हालांकि, बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह हाई कोर्ट से सोमवार को सुनवाई करने का अनुरोध कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि 'हम उम्मीद और विश्वास करते हैं कि हाई कोर्ट इस मामले पर जल्दी सुनवाई करेगा।'
सुप्रीम कोर्ट से मिली है प्रोजेक्ट को मंजूरी
बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट लुटियंस दिल्ली में नई संसद भवन, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के नए आवास के अलावा नया केंद्रीय सचिवालय और सरकारी दफ्तर बनाने का मेगा प्रोजेक्ट है। इसी साल 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने इसपर रोक लगाने के लिए दायर कई याचिकाओं को खारिज कर इसके निर्माण को हरी झंडी दिखाई थी।












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