केंद्र सरकार जल्द राज्यों का करेगी GST का बकाया भुगतान, सुझाए दो रास्ते

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। अनलॉक की प्रक्रिया देश में जारी तो है, लेकिन अभी अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में वक्त लगेगा। इस बीच अप्रैल से राज्यों का जीएसटी भुगतान भी केंद्र सरकार की ओर से नहीं किया गया है। जिस पर शनिवार को केंद्र सरकार ने कहा कि वो जल्द ही सभी राज्यों का बकाया भुगतान कर देंगे। साथ ही इसके लिए दो रास्ते भी सुझाए गए हैं।

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    राज्यों को लिखे एक पत्र में केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस 'एक्ट ऑफ गाड' है। जिस वजह से राजस्व में भारी कमी आई है। ऐसे में वो राज्यों के बकाया जीएसटी का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। जल्द ही केंद्र की ओर से इसका पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसको लेकर केंद्रीय वित्त सचिव और व्यय सचिव 1 सितंबर को एक वर्चुअल मीटिंग करेंगे। जिसमें राज्यों के सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।

    केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा कि वो भविष्य में होने वाले कर प्राप्ति के एवज में बाजार से कर्ज ले सकते हैं। जिस पर पंजाब और दिल्ली ने इस पर अपनी असहमति जता दी थी। वित्त मंत्री के मुताबिक घाटे की भरपाई के लिए राज्य विशेष विंडो का उपयोग करते हुये कर्ज ले सकते हैं। इस कर्ज को पांच साल बाद जीएसटी उपकर संग्रह से लौटाया जा सकता है।

    दो दिन पहले हुई थी बैठक
    कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मार्च में लॉकडाउन लागू हो गया था। जिस वजह से एक दर्जन से ज्यादा राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया हैं। ऐसे में अब वहां के कर्मचारियों को वेतन देने में दिक्कतें आ रही है। गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की 41वीं बैठक में राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार के सामने अपने वित्तीय हालात बताए थे। साथ ही जल्द से जल्द जीएसटी के लंबित भुगतान की मांग की थी।

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