Myanmar के हालात पर भारत ने जताई चिंता, कहा- 'शांति कायम रखने में भारत का सीधा हित'
यंगून। म्यांमार के हालात पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने बुधवार को कहा है कि पड़ोसी देश में शांति और स्थिरता कायम रखने से भारत का सीधा हित जुड़ा हुआ है। भारत ने कहा म्यांमार का ताजा घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है।

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि भारत यह अपील करता है कि कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को ठीक किया जाए और म्यांमार के नेतृत्व से अपील करता है कि अपने मतभेदों को दूर करने के लिए एक साथ मिलकर शांतिपूर्ण और रचनात्मक माहौल में काम करें।"
मंत्री ने आगे कहा भारत म्यांमार की स्थिति पर करीबी से नजर रखे हुए है और इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ चर्चा में बना हुआ है।
हालात पर जताई चिंता
मुरलीधरन ने कहा "भारत म्यांमार के साथ जमीनी और समुद्री सीमा साझा करता है और देश (म्यांमार) में शांति और स्थिरता कायम रखने में सीधा हित जुड़ा हुआ है। हमारी नेबरहुड फर्स्ट और एक्ट ईस्ट नीति के तहत भारत म्यांमार में सामाजिक आर्थिक विकास का समर्थन किया है और देश में लोकतांत्रिक संक्रमण की स्थिति को सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा "म्यांमार का हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है।"
विदेश राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि "म्यांमार के साथ भारत का संबंध किसी तीसरे देश के साथ अपने संबंधों से स्वतंत्र है।"
एक फरवरी को हुआ था तख्तापलट
म्यांमार में एक फरवरी को सेना ने चुनी हुई सरकार का तख्ता पलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। सेना ने इसके बाद आपात काल घोषित करते हुए म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक नेता के रूप में विश्व आइकॉन और नोबेल विजेता आंग सांन सू की को हिरासत में ले लिया था। इसके साथ ही सू की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था।
तख्तापलट के बाद से म्यांमार में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों में पिछले कुछ सप्ताह से काफी तेजी देखी गई है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों पर दमन की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। अब तक कई प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं।












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