केंद्र ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, One Nation-One Election के अलावा भी है बड़ी वजह, जानिए
एनडीए की सरकार ने संसद के विशेष सत्र में कुछ बड़ा करने वाली है। दावा किया जा रहा कि चुनाव के अलावा समान नागरिक संहिता समेत महिलाओं पर भी बिल लाने की तैयारी है।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस बैठक में पांच अहम बैठकें होने वाली हैं।वहीं दूसरी ओर विपक्ष संसदीय कार्यमंत्री के इस घोषणा पर सवाल खड़े कर रहा है। जबकि विशेष सत्र कई मायनों में अहम होने वाला है। ऐसे में संसद के इस विशेष सत्र को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' के अलावा भी कई बिल ला सकती है। जिसमें महिला सुरक्षा को लेकर भी एक बिल होगा।
संसद के विशेष सत्र के ऐलान के साथ ही 'वन नेशन- वन इलेक्शन' की चर्चा तेज हो चुकी है। जबकि विपक्ष विशेष सत्र की घोषणा के समय और तरीके को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है। इस बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से कई दावे किए हैं।

पार्लियामेंट के स्पेशल सेशन को लेकर कहा जा रहा है कि केंद्र 18 से 22 सितंबर तक बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव', समान नागरिक संहिता और महिला आरक्षण पर बिल पेश कर सकता है।
हालांकि संसदीय कार्य मंत्री ने विशेष सत्र के उद्देश्यों का जिक्र अभी नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि विशेष सत्र के दौरान सदन में अमृत काल के बीच संसद में सार्थक चर्चा और बहस की उम्मीद है। प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 5 दिनों का ये सत्र होगा, जिसमें पांच बैठकें निर्धारित की गई हैं।
मौजूदा केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्मों, रीति-रिवाजों और परंपराओं पर आधारित व्यक्तिगत कानूनों को धर्म, जाति, पंथ, यौन अभिविन्यास और लिंग के बावजूद सभी के लिए एक समान कानून बनाने पर बात करती रही है। उम्मीद है कि स'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के साथ समान नागरिक संहिता और महिला आरक्षण बिल का प्रस्ताव भी सत्र के दौरान सदन के पटल पर लाया जा सकता है।












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