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मतपत्रों से मतदान कराने के मुद्दे पर बोले सुनील अरोड़ा- बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं जाने वाले

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कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेशों का हवाला देते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव केंद्रीय मंत्रालयों से औपचारिक संवाद, और नए कानून के प्रभाव में आने के बाद कराए जाएंगे। बता दें लोकसभा चुनावों के बाद से विपक्षी दल लगातार ईवीएम की विश्वनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं।

CEC Sunil Arora dismissed the demand for doing away with EVMs and bringing back ballot papers

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने बार-बार दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। विपक्षी दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई है। अरोड़ा ने कोलकाता हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा हम बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं जाने वाले। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि मतपत्र हमारे अतीत हैं।

ममता बनर्जी कई बार कह चुकीं है कि ईवीएम का उपयोग पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे विकसित देशों में किया जाता था, लेकिन वे सभी मतपत्रों में वापस आ गए हैं। अरोड़ा शुक्रवार और शनिवार को पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज और आईआईएम (कलकत्ता) द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शहर में पहुंचे थे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और कानून और न्याय मंत्रालय से औपचारिक संचार प्राप्त होने के बाद ही ऐसा हो सकता है। अरोड़ा ने कहा कि, उन्होंने कहा 'हम गृहमंत्रालय और कानून मंत्रालयों से औपचारिक संचार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या असम में बेहद विवादित मुद्दा नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा, अरोड़ा ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट देख रहा है। उन्होंने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाए। फिलहाल यह असम के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला नहीं दिया है। मैं फैसला नहीं दे सकता और पूर्वानुमान नहीं लगा सकता।

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English summary
CEC Sunil Arora dismissed the demand for doing away with EVMs and bringing back ballot papers
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