चार वर्ष और नौ गुना बढ़ गया सीजफायर वॉयलेशन
नई दिल्ली। बुधवार की सुबह जम्मू कश्मीर के पुंछ और बागलकोट में पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की खबरें हैं। पाक की ओर से पिछले कुछ समय से सीजफायर वॉयलेशन में तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकार की ओर से जो नए आंकड़ें जारी किए गए हैं उन पर अगर यकीन करें तो पिछले चार वर्षों में सीजफायर वॉयलेशन एक दो नहीं बल्कि नौ गुना तक बढ़ गया है।

वर्ष 2003 में लागू हुआ था सीजफायर
भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 2003 में सीजफायर लागू हुआ था लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई परिवतर्न नहीं आया है। कुछ वर्षों तक तो शांति रही लेकिन अब फिर से वहीं स्थिति नजर आ रही है।
सरकार ने ये नए आंकड़ें राज्यसभा में पेश किए हैं। इनके मुताबिक वर्ष 2011 के मुकाबले वर्ष 2014 में स्थिति में तेजी से बदलाव आया है। वहीं लोकसभा में सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि वर्ष 2014 में सीजफायर वॉयलेशन के 583 मामले सामने आए।
क्या कहते हैं आंकड़ें
- 2011- पाक की ओर से जहां एलओसी पर 51 और इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) पर 11 बार सीजफायर तोड़ा गया।
- 2012- कुल 114 मामले दर्ज हुए जिनमें एलओसी पर 93 और आईबी पर 21 मामले रिकॉर्ड हुए।
- 2013- में कुल 347 मामले, एलओसी पर 199 और आईबी पर 148 मामले।
- 2014- में 583 बार सीजफायर वॉयलेशन, एलओसी पर 155 और आईबी पर 430 मामले।
क्या है 2015 की स्थिति
वर्ष 2015 में अब तक कुल 199 बार सीजफायर तोड़ा जा चुका है। अभी तक इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि एलओसी और आईबी पर कितने मामले दर्ज हुए हैं।
फायरिंग में हुई मौतें
- 2013- एलओसी पर 10 जवान शहीद तो 32 घायल। वहीं 26 नागरिक घायल हुए।
- 2014-एलओसी पर फायरिंग में चार जवान शहीद तो 33 घायल। 101 नागरिक घायल।
- 2015-एलओसी पर हुई फायरिंग में अब तक 2 सैनिक शहीद तो 2 नागरिकों की मौत।
घुसपैठ में भी इजाफा
न सिर्फ फायरिंग बल्कि पाक की ओर से घुसपैठ में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।
- 2012-पाक की ओर से 332 बार घुसपैठ।
- 2013-345 घुसपैठ के मामले।
- 2014-268 बार घुसपैठ।
- 2015-अब तक घुसपैठ के 42 मामले।
(आंकड़े इंडियास्पेंड की रिपोर्ट के आधार पर)












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