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सेनाओं में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर पेंशन की कटौती पर विचार कर रहे हैं CDS जनरल रावत!

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नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के मुखिया रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर पेंशन में कटौती करने के विषय पर गहनता से चर्चा कर रहे हैं। इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि सीडीएस ऐसे स्‍टाफ की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने पर सोच रहे हैं जो वॉरफील्‍ड से दूर यानी जिनका लड़ाकू मोर्चे से ज्‍यादा संबंध नही है। इसके अलावा हार्डवेयर की खरीद को प्राथमिकता देना और कैंट एरिया में मिलिट्री के घरों के लिए आतंरिक संसाधनों में इजाफे पर भी विचार किया जा रहा है।

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पेंशन बिल 1.33 लाख तक पहुंचा

मिलिट्री पेंशन बजट 1.33 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वन रैंक और वन पेंशन (ओआरओपी) के तहत पेंशन में सबको समानता देने के मकसद से इसमें इसके इस वर्ष जून में करीब 7,000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। साल 2010 में यह 41,000 करोड़ पर था। माना जा रहा है कि जनरल रावत रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर पेंशन में कटौती करने के पक्षधर में हैं। सूत्रों के मुताबिक नॉन-कॉम्‍बैटेंट्स और मेडिकल स्‍टाफ की रिटायरिंग उम्र 39 साल से 58 वर्ष तक की जा सकती है। साल 20219-2020 में पेंशन बिल के तहत 1.13 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। हालांकि टॉप ऑफिसर्स इस प्रस्‍ताव को लेकर थोड़ा चिंतित हैं। जिन सुधारों का प्रस्‍ताव जनरल रावत की तरफ से दिया गया है उसमें मिलिट्री हाउसिंग सेक्‍टर को लेकर भी कई अहम बातें शामिल हैं। माना जा रहा है कि 'नए मोतीबाग मॉडल' के तहत सीडीएस राष्‍ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को मिलिट्री हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स सौंप सकते हैं।

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English summary
CDS General Bipin Rawat discussing to reduce pension colonial bungalows also go away.
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