12वीं बोर्ड एग्जाम कराने के खिलाफ दिल्ली सरकार, सिसोदिया बोलें- पहले बच्चों को वैक्सीन उसके बाद परीक्षा
नई दिल्ली, मई 23: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड परीक्षा, जेईई मेन, नीट सहित अन्य परीक्षाओं को लेकर आज बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बैठक में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रिय, सचिव के साथ-साथ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हैं। ऐसे में दिल्ली, महाराष्ट्र 12वीं की परीक्षा आयोजित करने के खिलाफ है।
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परीक्षा आयोजित करने को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि कहा जा रहा है कि कोरोना की अगर तीसरी लहर आएगी तो बच्चों को नुकसान पहुंचाएगी। दिल्ली सरकार किसी भी तरह की परीक्षा कराएं जाने के पक्ष में नहीं है। पहले बच्चों को वैक्सीन की डोज लग जाए उसके बाद परीक्षा लेना सुरक्षित हो पाएगा।
इसके अलावा मनीष सिसोदिया ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज मांग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की जिद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी।
परीक्षाओं को लेकर दो प्रस्ताव
वहीं दिल्ली के शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम सिसोदिया ने बताया कि कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए केंद्र की ओर से एक प्रस्ताव परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करने का है लेकिन चुनिंदा विषयों के साथ, जबकि दूसरा प्रस्ताव परीक्षा पैटर्न को बदलने और उन्हें 1.5 घंटे की अवधि के साथ स्कूलों में आयोजित करने का है।
वहीं छात्रों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताते हुए महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि सीबीएसई के साथ आज की बैठक में हमने चर्चा करते हुए कहा कि छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हम सुप्रीम कोर्ट को बताएंगे कि पिछला साल छात्रों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। दूसरी कोरोना की लहर चल रही है और एक प्रत्याशित तीसरी लहर अभी बाकी है।












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