चिटफंड घोटाला: TMC के दो बड़े नेताओं को सीबीआई ने भेजा समन
हाल ही में इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि सीबीआई सुदीप बंदोपाध्याय पर शिकंजा कस सकती है। इसके बाद ही टीएमसी ने कहा था कि मोदी सरकार सीबीआई का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रही है।
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के चर्चित चिटफंड घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो सांसदों सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पॉल को तलब किया है। दोनों नेताओं को 30 दिसंबर को सीबीआई कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। सीबीआई रोज वैली घोटाले के जिन मामलों की जांच कर रही है उनमें यह केस भी शामिल है। हालांकि बंदोपाध्याय को पहले भी सीबीआई ने तलब किया था लेकिन वह संसद सत्र होने का हवाला देकर पूछताछ के लिए जाने से बच गए थे।

जनवरी के पहले सप्ताह में होंगे पेश
सूत्रों के मुताबिक, बंदोपाध्याय को सीबीआई ने पहले भी बुलाया था लेकिन उन्होंने तब संसद सत्र का हवाला दिया और व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी। अब संसद सत्र खत्म होने के बाद एजेंसी ने दोबारा जांच टीम के सामने पेश होने के लिए कहा है। सुदीप बंदोपाध्याय से इस बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह जनवरी के पहले सप्ताह में सीबीआई के सामने पेश होंगे। उन्होंने कहा, 'मैं जाऊंगा क्योंकि मैं खुद जानना चाहता हूं कि मेरे खिलाफ आखिर कौन से आरोप लगाए गए हैं। मुझे लगता है कि फोन पर बात करने से बेहतर है आमने सामने बैठकर आरोपों के बारे में बात की जाए।'
'टीएमसी नोटबंदी का विरोध करती रहेगी'
हाल ही में इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि सीबीआई सुदीप बंदोपाध्याय पर शिकंजा कस सकती है। इसके बाद ही टीएमसी ने कहा था कि मोदी सरकार सीबीआई का इस्तेमाल अपने फायदे और दूसरी पार्टियों के नेताओं को डराने के लिए कर रहे हैं। टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, 'इस तरह राजनीतिक बदला लेने की साजिश से आप ममता बनर्जी और टीएमसी को नोटबंदी का विरोध करने से नहीं रोक सकते। आप सीबीआई और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल हमें डराने के लिए कर रहे हैं लेकिन आप इसमें कामयाब नहीं होंगे।'
रोज वैली चिटफंड घोटाले में 17000 करोड़ रुपये के हेरफेर का मामला है। चार्जशीट में सीबीआई ने बताया है कि वह इस मामले में प्रभावशाली लोगों के दखल की भी जांच कर रही है।












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