16 सितंबर को फिर फूट-फूटकर रोएगा राम रहीम, पत्रकार हत्या मामले में होगी सुनवाई
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 16 सितंबर 2017 को सुनवाई होगी। इस मामले में फाइनल बहस लगभग पूरी हो चुकी है
नई दिल्ली। खुद को भगवान बताने वाले बाबा गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं। सीबीआई की विशेष अदालत से राम रहीम को रेप के मामले में 20 साल की सजा मिलन के बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड भी राम रहीम के गले की फांस बना हुआ है। 16 सितंबर का दिन बाबा के लिए कुछ और मुश्किलें लेकर आ सकता है।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 16 सितंबर 2017 को सुनवाई होगी। इस मामले में फाइनल बहस लगभग पूरी हो चुकी है। पत्रकार हत्या मामले में भी राम रहीम को कड़ी सजा मिल सकती है। 16 सितंबर को ही सीबीआई इस मामले में फाइनल बहस प्रस्तुत करेगी।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 24 सितंबर 2002 को सीबीआई जांच के आदेश हुए थे। आदेश के ठीक एक महीने बाद यानि 24 अक्टूबर 2002 को कथित तौर पर डेरा के अनुयायियों ने रामचंद्र छत्रपति को उनके घर पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की रिपोर्ट में राम रहीम का नाम तक शामिल नहीं था। फिर रामचंद्र् छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति और मामले के इकलौते चश्मदीद ने इसको लेकर जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की याचिका दी।
नवंबर 2003 में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसकी जांच हुई। डेरे ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थीं जिसको खारिज कर दिया गया. जांच के बाद सीबीआई ने राम रहीम और उसके गुर्गों को छत्रपति की हत्या का आरोपी बनाया। 2007 में सीबीआई ने डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। नवंबर 2014 तक सभी सभी साक्ष्य पेश किए गए। इस मामले में फाइनल बहस लगभग पूरी हो चुकी है।
राम रहीम पर हत्या का एक और मामला है जिसमें राम रहीम पर डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या कराने का केस चल रहा है। कहा जाता है कि रंजीत सिंह की हत्या इसीलिए करवाई गई क्योंकि वो राम रहीम के बहुत से राज भी जानता था। इसके अलावा राम रहीम को शक था कि रंजीत सिंह ने ही साध्वी रेप केस में पूरे इलाके में चिट्ठी बंटवाई थी।












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